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मार्केट में धड़ल्ले से बिक रहा 'नकली आलू', खरीदने से पहले ऐसे करें असली और नकली की पहचान

मार्केट में असली आलुओं के बीच नकली आलुओं की भरमर है. इसमें जल्दी से पता भी नहीं लगाया जा सकता. यही वजह है कि यह मार्केट दोगुने दामों में बेचा जा रहा ह

मार्केट में धड़ल्ले से बिक रहा 'नकली आलू', खरीदने से पहले ऐसे करें असली और नकली की पहचान
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डीएनए हिंदी: अगर आप भी सब्जी लेने जा रहे हैं तो मार्केट में आलुओं को खरीदते समय सावधानी जरूर बरतें. इसकी वजह मार्केट में असली के बीच नकली आलुओं की भरमार हो गई है. विक्रेता असली के बीच नकली आलू मिलाकर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं. इतना ही नहीं ग्राहक इसकी पहचान भी नहीं कर पा रहे, जिसके चलते सब्जी व्यापारियों से लेकर विक्रेताओं द्वारा मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है. 

दरअसल मार्केट में हेमांगिनी या हेमलिनी आलू चंद्रमुखी आलू के भाव बिक रहा है. यह आलू की चंद्रमुखी प्रजाति की तरह दिखता जरूरी है, लेकिन इससे काफी अलग है. जहां चंद्रमुख आलू की कीमत 20 से 25 रुपये किलो है. वहीं हेमांगिनी आलू की कीमत 10 से 15 रुपये किलो है, लेकिन व्यापारियों से लेकर सब्जी विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ धोखा किया जा रहा है. वह ग्राहकों को हेमांगिनी आलू चंद्रमुखी आलूओं में मिलाकर बेच रहे हैं. वहीं खरीदार इनमें खास फर्क नहीं निकालपाते और 10 से 15 रुपये वाले आलू लगभग दोगुने दाम में खरीदकर ले जाते हैं. इतना ही नहीं हेमांगिनी आलू सेहत के लिए भी खराब होते हैं. 

मार्केट में नकली आलू का खेल कर रहे व्यापारी 

दरअसल हेमांगिनी और चंद्रमुखी आलूओं की नस्ल है. चंद्रमुखी आलू को घरों में काफी पसंद किया गया जाता है. यह सेहत​ के लिए फायदेमंद होने के साथ ही जल्द से पक जाता है और स्वादिष्ट भी लगता है. लेकिन हेमांगिनी आलू के साथ ऐसा नहीं है. यह आलू मिक्स ब्रिड का होता है. इसकी ज्यादातर खेती पंजाब में अलग अलग जगहों पर की जाती है. पैदावार की बात करें तो जहां चंद्रमुखी आलू एक बीघा में 50 से 60. किलोग्राम होता है. हेमांगिनी आलू इसका लगभग डेढ़ से दोगुना होता है, लेकिन स्वाद से लेकर पोष्टिकता के चलते इस आलू की डिमांड बहुत कम है. 

डेढ़ से दो महीने में हो जाता है यह आलू, अंतर करना बहुत मुश्किल

कृषि एक्सपर्ट्स की मानें तो गांव के मुकाबले शहरी इलाकों के लोगों को हेमांगिनी और चंद्रमुखी आलू की पहचान करना मुश्किल है. इसकी वजह उन्हें फसलों की ज्यादा जानकारी न होना है. हालांकि ग्रामीण लोग इसकी किस्म को पहचान लेते हैं. हेमंगिनी आलू को चंद्रमुखी आलू के साथ क्रॉस ​ब्रीडिंग से बनाया जाता है. हेमंगिनी आलू  की खेती में लागत के साथ ही कम समय लगता है, जहां चंद्रमुखी आलू की पैदावार में तीन से चार माह का समय लगता है. वहीं हेमंगिनी आलू डेढ़ से दो महीने में होता जाता है. किसान इस आलू की एक ही सीजन में दो से तीन बार पैदावार कर लेते हैं. 

ऐसे करें चंद्रमुखी और हेमांगिनी आलू की पहचान

कृषि निदेशक की मानें तो ऊपर से तो ये दोनों ही आलुओं को पहचान करना बहुत ही मुश्किल है.दोनों की पतली चमड़ी होती है और दोनों आलू देखने में एक ही जैसे लगते है, लेकिन इन्हें काटकर अंतर पता लगाया जा सकता हैत्र जहां चुंद्रमुखी आलू के अंदर हल्का मटमैला रंग होता है. वहीं हेमंगिनी आलू सफेद होने के साथ ही पकता नहीं है. हेमंगिनी आलू का स्वाद भी अलग होता है.

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