सेहत
STI-Gonorrhoea Vaccine: यौन संचारित संक्रमण 'गोनोरिया' के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इंग्लैंड ने वैक्सीन लॉन्च कर दी है, आइए जानते हैं मरीजों को कब से दी जाएगी ये वैक्सीन...
यौन संचारित संक्रमण 'गोनोरिया' (Gonorrhoea) के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इंग्लैंड ने वैक्सीन लॉन्च कर दी है. यह दुनिया की पहली वैक्सीन होगी, जिससे यौन संचारित संक्रमण 'गोनोरिया' से (Gonorrhoea Vaccine) लड़ने में मदद मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2025 से यह वैक्सीन उन लोगों को दी जाएगी, जो इस गंभीर बीमारी के सबसे ज्यादा (Sexually Transmitted Disease) रिस्क में हैं.
इनमें समलैंगिक और बाइसेक्सुअल पुरुष शामिल हैं, जिनके हाल में कई सेक्सुअल पार्टनर रहे हों या जिन्हें पहले से ही STI (Sexually Transmitted Infections) हो चुका हो. इसे सेक्सुअल हेल्थ के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है.
इस वैक्सीन का नाम 4CMenB बताया जा रहा है, इसे पहले मेनिंगोकोकल B बीमारी के खिलाफ बच्चों को दी जाती थी. एक्सपर्ट्स ने शोध में बताया कि यह वैक्सीन गोनोरिया से 30-40% तक सुरक्षा दे सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह न केवल लोगों को सुरक्षा देगी, बल्कि संक्रमण को रोकने और एंटीबायोटिक प्रतिरोधी स्ट्रेन को कम करने में भी मदद कर सकती है.
बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के साथ-साथ लोगों एमपॉक्स, एचपीवी और हेपेटाइटिस की वैक्सीन भी दिए जाएंगे. अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर वैक्सीन का उपयोग व्यापक रूप से हुआ तो अगले दशक में एक लाख मामले रोके जा सकते हैं.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह एक बैक्टीरियल सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज है, जिसका अगर समय पर इलाज न हो तो इसकी वजह से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे बांझपन और आंखों, टेस्टिकल्स या प्रोस्टेट में संक्रमण पैदा हो सकता है. चिंता की बात यह है कि गोनोरिया के कुछ स्ट्रेन एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं और अब इसकी वजह से इसका इलाज काफी ज्यादा मुश्किल हो रहा है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर सही कदम नहीं उठाए गए तो यह बीमारी लाइलाज हो सकती है. इस वैक्सीन को 30-40% प्रभावी माना जा रहा है, उम्मीद जताई जा रही है कि यह संक्रमणों की बढ़ती संख्या को उलट देगा.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक गोनोरिया के कुछ मामलों में कोई लक्षण नहीं होते हैं. हालांकि मूत्रमार्ग से गाढ़ा, पीला या हरा स्राव निकलना, पेशाब करते समय दर्द या जलन, अंडकोष में दर्द और सूजन, मलाशय में खुजली, और गले में खराश शामिल हो तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें.
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(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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