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क्या है Chronic Venous Insufficiency? जिससे जूझ रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 

Donald Trump Health Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी (Chronic Venous Insufficiency) नामक बीमारी से जूझ रहे हैं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस बात की जानकारी दी है. आइए जानते हैं क्या है ये बीमारी, इसके लक्षण क्या हैं...

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क्या है Chronic Venous Insufficiency? जिससे जूझ रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 

Donald Trump Diagnosed With CVI

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Donald Trump Diagnosed With CVI: हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों में सूजन और चोट की वजह से उनका चेकअप किया गया, जिसमें पता चला है कि ट्रंप  क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी (Chronic Venous Insufficiency) नामक बीमारी से जूझ रहे हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि इस मेडिकल कंडीशन के और गंभीर होने के कोई संकेत नहीं हैं और राष्ट्रपति को इसके अलावा अन्य किसी तरह की समस्या नहीं है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है ये बीमारी, इसके लक्षण और इलाज क्या हैं...

क्या है क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी? (Chronic Venous Insufficiency)

एक्सपर्ट्स के मुताबिक क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी (CVI) एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें पैरों की नसें ठीक तरीके से खून को वापस हार्ट तक नहीं पहुंचा पाती हैं. दरअसल, नसों में छोटे-छोटे वाल्व होते हैं, जो खून को हार्ट की तरफ फ्लो करते हैं. ऐसे में अगर ये वाल्व डैमेज हो जाएं या फिर कमजोर पड़ जाएं तो खून नीचे की ओर लौट सकता है, यह पैरों में जमा हो सकता है. 

इस स्थिति में CVI की कंडीशन पैदा हो जाती है. इसके अलावा इससे पैरों की नसों में दबाव बढ़ जाता है और पैरों में सूजन के अलावा अल्सर होने की समस्या बढ़ जाती है. यह बीमारी बहुत खतरनाक तो नहीं मानी जाती है पर काफी दर्दनाक हो सकती है. 

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण? 

- पैरों या टखनों में सूजन, भारीपन या थकावट का एहसास
- त्वचा पर खुजली या झुनझुनी और वैरिकोज नसें शामिल हैं.
- त्वचा का रंग बदलना, मोटा या चमड़े जैसा होना 
- पैरों में अल्सर या घाव भी हो सकते हैं 

बता दें कि उम्र बढ़ने के साथ नसें कमजोर हो जाती हैं और यह समस्या होने लगती है. इसके अलावा लंबे समय तक खड़े रहना या बैठना, मोटापा, गर्भावस्था, अनुवांशिक कारण, स्मोकिंग, कम शारीरिक गतिविधि और फैमिली हिस्ट्री जैसे फैक्टर्स भी इस बीमारी की वजह बनते हैं. 

क्या है इसका इलाज? 

इसे इलाज के जरिए पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, हालांकि इस परेशानी को कंट्रोल करना संभव है.इसका  ट्रीटमेंट मरीज की कंडीशन पर काफी हद तक डिपेंड करता है.  इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे- नियमित वॉक करना, पैरों को ऊंचा रखना और हेल्दी वेट मेंटेन करें, इससे यह बीमारी कंट्रोल हो सकती है. 

इसके अलावा कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने से नसों पर दबाव डाला जाता है, जिससे ब्लड फ्लो नॉर्मल होता है. एंटीबायोटिक्स, खून पतला करने की दवाएं और मेडिकेटेड रैप्स जैसी दवाइयों से इसे कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके इलाज के लिए स्क्लेरोथेरेपी यानी इंजेक्शन द्वारा नस बंद करना, एंडोवेनस एब्लेशन और कुछ मामलों में नस की सर्जरी भी शामिल है. 

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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