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Heart Attack Risk: क्या सोते समय एसी के साथ पंखा न चलाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है? जान लीजिए वरना पछताना पड़ेगा 

गर्मियों में पंखा चालू रखना बहुत ज़रूरी हो जाता है. लेकिन कुछ ऐसी स्थितियाँ भी हैं जिनमें पंखा चालू रखकर सोने से हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ सकता है. कैसे चलिए जानते हैं.

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Heart Attack Risk: क्या सोते समय एसी के साथ पंखा न चलाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है? जान लीजिए वरना पछताना पड़ेगा 

क्या पंखा चलाकर सोने से हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ जाता है?

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गर्मियों में रात में सोते हुए भी आप पसीने से तर-बतर हो जाते हैं. एसी होने पर भी, पंखा चालू रखना ज़रूरी है. हम पंखे के बिना सोने की कल्पना भी नहीं कर सकते. गांवों में तो आप छत या बरामदे पर सो सकते हैं, लेकिन शहरों में यह सबके लिए संभव नहीं है. फिर, हर समय पंखा इस्तेमाल करने से कुछ मामलों में हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. सिडनी विश्वविद्यालय और मॉन्ट्रियल हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए एक हालिया शोध के निष्कर्ष कुछ ऐसे ही संकेत देते हैं. जानिए यह क्या कहता है. 
 
शोध क्या कहता है:
सिडनी विश्वविद्यालय और मॉन्ट्रियल हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि गर्मी और उमस भरे मौसम में पंखा चलाना ज़रूरी है और आपके दिल के लिए भी अच्छा है. खासकर अगर शरीर गीला हो और पंखा चलाया जाए, तो यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है. खासकर बुजुर्गों और हृदय रोगियों में, यह गर्मी के कारण होने वाली हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करता है. 
 
हार्ट अटैक का ख़तरा कैसे बढ़ता है?
अगर शरीर गीला हो और पंखा चालू हो तो यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. लेकिन अगर पंखा बिना एसी के तेज़ चल रहा हो तो गर्मी के मौसम में यह गर्म हवा फेंकता है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और दिल से जुड़ी समस्याओं का ख़तरा भी बढ़ सकता है. ख़ासकर सोते समय हमें अपने शरीर के तापमान का अंदाज़ा नहीं होता. 

सबसे ज़्यादा ख़तरा किसे है?
कुछ बीमारियों से ग्रस्त लोगों को स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में दिल का दौरा पड़ने का ज़्यादा ख़तरा होता है. इनमें आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, बुज़ुर्ग, पहले से ही हृदय संबंधी किसी बीमारी से ग्रस्त लोग, मधुमेह रोगी, उच्च रक्तचाप या निम्न रक्तचाप के मरीज़, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं. 

जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव
की आवृत्ति बढ़ रही है. तापमान में अचानक और अत्यधिक वृद्धि शरीर की तापमान नियंत्रण क्षमता को बाधित कर सकती है, जिससे दिल के दौरे, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे मामलों में, केवल पंखे जैसे पारंपरिक उपाय ही पर्याप्त नहीं हैं. 

इस तरह सुरक्षित रूप से इसका इस्तेमाल करें 
कुछ बातों का ध्यान रखकर, ऐसी स्थितियों में दिल के दौरे के खतरे को कम किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर बहुत गर्मी हो, तो अपनी त्वचा को नम रखें और चाहें तो अपने कपड़ों को भी नम कर सकते हैं. कमरे में अच्छी तरह हवादार जगह रखें. खिड़कियाँ खुली रखें और शरीर के तापमान और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों पर नज़र रखें. 

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.

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