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Diptheria in Child: किस उम्र के बच्चों में दिखती है यह बीमारी, क्या हैं लक्षण और कैसे फैलती है

Diptheria क्या है, बच्चों में कैसे फैलती है यह बीमारी, इसके कारण और लक्षण जानिए और इलाज भी.

Diptheria in Child: किस उम्र के बच्चों में दिखती है यह बीमारी, क्या हैं लक्षण और कैसे फैलती है
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डीएनए हिंदी : Diptheria Causes and Symptoms in Hindi- डिप्थीरिया एक बैक्टीरियल इंफेक्शन (Bacterial Infection) होता है, जिसे गलाघोंटू भी कहा जाता है. यह बीमारी छोटे बच्चों को ज्यादा होती है. यह बीमारी संक्रमण से फैलती है. इंफेक्‍शन से फैलने वाली इस बीमारी में सांस लेने में दिक्कत होती है. अगर कोई व्यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसे भी डिप्थीरिया हो सकता है. अगर इसके लक्षणों को पहचानने के बाद भी इसका इलाज नहीं किया गया तो यह पूरे शरीर में फैल जाता है. यह ज्यादातर 2 साल से 12 साल के बच्चों को होती है

इसके बैक्‍टीरिया टांसिल व श्वास नली (Tonsil) को संक्रमित करता है. संक्रमण के कारण एक ऐसी झिल्ली बन जाती है,जिसके कारण सांस लेने में रुकावट पैदा होती है और कुछ मामलों में तो मौत भी हो जाती है. यह बीमारी बड़े लोगों की तुलना में बच्‍चों को अधिक होती है. इस बीमारी के होने पर गला सूखने लगता है,आवाज बदल जाती है,गले में जाल पड़ने के बाद सांस लेने में दिक्कत होती है. इलाज न कराने पर शरीर के अन्य अंगों में संक्रमण फैल जाता है. इसके कारण हार्ट फेल भी हो सकता है. 

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कारण और लक्षण (Causes and Symptoms in Hindi)

सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण, जैसे, गला खराब होना, खांसी आना
बुखार (Fever) होना
ग्रंथियों में सूजन की समस्या
कमजोरी महसूस करना
नाक का बहना
गले में दर्द होना
बीमार महसूस करना
शरीर का तापमान 100 से ऊपर जाना
सिरदर्द (Headache)
कब्ज (Constipation)
अल्सर (Ulcer) होना

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इलाज (Treatment) 

डिप्थीरिया का निदान करने के लिए डॉक्टर गले में सूजन की जांच करेगा.

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डिप्थीरिया जितनी जल्दी हो सके इलाज किया जाना चाहिए. पहला कदम एंटीटॉक्सिन इंजेक्शन का उपयोग करना है. यह एंटीटॉक्सिन डिप्थीरिया बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित विषाक्त पदार्थों का सामना करने के लिए प्रयोग किया जाता है. संक्रमण से लड़ने के लिए पेनिसिलिन और एरिथ्रोमाइसिन जैसे एंटीबायोटिक्स भी निर्धारित किए जाते हैं. अगर आपके पास डिप्थीरिया है तो संक्रमण स्वयं को अस्पताल में भर्ती करना महत्वपूर्ण है ताकि संक्रमण दूसरों में ना फैले.

टीकाकरण के उपयोग से डिप्थीरिया को रोका जा सकता है. डिप्थीरिया के लिए उपयोग की जाने वाली टीका डीटीएपी के रूप में जानी जाती है. यह टीका आमतौर पर एक टिटनेस और एक पेट्यूसिस के साथ दी जाती है

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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