सेहत
Monkeypox Vs Chicken Pox : अक्सर चिकनपॉक्स और मंकीपॉक्स को लेकर ग़लतफहमी हो जाती है. हालांकि मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों ही बीमारियों में काफी अंतर है. जानिए उन अंतरों के बारे में -
डीएनए हिंदी : मंकीपॉक्स नया कहर बनकर डरा रहा है. दिल्ली में अब तक तीन केस मिल चुके हैं और केरल में एक मौत भी हो गई है. इस बीमारी में स्किन पर चकत्ते और बुखार दोनों आते हैं जो कि चिकनपॉक्स के जैसा ही होता है. इस वजह से अक्सर चिकनपॉक्स और मंकीपॉक्स (Monkeypox Vs Chicken Pox) को लेकर ग़लतफहमी हो जाती है. हालांकि मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों ही बीमारियों में काफी अंतर है. जानिए उन अंतरों के बारे में -
बड़े होते हैं Monkeypox के घाव
डॉक्टर्स के मुताबिक़ मकीपॉक्स के घाव चिकन पॉक्स से थोड़े बड़े होते हैं. इस बीमारी में हथेलियों और तलवों पर भी घाव होते हैं जबकि चिकन पॉक्स में अमूमन ऐसा नहीं होता है. चिकन पॉक्स के घाव अधिक खुजली वाले भी होते हैं वहीं मंकीपॉक्स में ऐसा नहीं होता है.
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बुखार भी लम्बा चलता है
चिकन पॉक्स (Chicken Pox) के घाव सात-आठ दिनों में खुद कम होने लगते हैं. मंकीपॉक्स (Monkeypox) के घावों की अवधि लम्बी होती है. यह मामला बुखार के साथ भी है. चिकन पॉक्स का बुखार हफ्ते भर में घटने लगता है वहीं मंकी पॉक्स में बुखार लंबा चलता है. इस बीमारी में रोगी में लिम्फ नोड्स भी बढ़े हुए होते हैं.
क्या है मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स वायरस(Monkeypox Virus) ऑर्थोपॉक्सवायरस के परिवार से आता है. इसमें वैरियोला वायरस भी शामिल है. गौरतलब है कि वैरियोला वायरस से स्मॉल पॉक्स या छोटी चेचक बीमारी होती है, इसी परिवार के वैक्सीनिया वायरस का इस्तेमाल स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन में होता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक की तुलना में कम गंभीर होते हैं. हालांकि सालों पहले कई देशों से इसका उन्मूलन चेचक के टीके के ज़रिए ही किया जा चुका है पर नए शोधों के मुताबिक चेचक और मंकीपॉक्स दो अलग-अलग बीमारियां हैं. चेचक होकर ठीक हो जाने से मंकी पॉक्स संक्रमण का डर ख़त्म नहीं हो जाएगा.
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