सेहत
Meal Rules to avoid blood sugar spike: ब्लड शुगर हाई होते ही खानपान पर सबसे ज्यादा प्रतिबंध लगता है. कई बार मीठा ही नहीं, कई और मनचाही चीजे डायबिटीज को अनकंट्रोल कर देती हैं लेकिन अगर आप अपने खाने में दो बदलाव कर लें तो मनपसंद चीजें खाकर भी आप शुगर कंट्रोल में रख सकेंगे. कैसे? चलिए जानें.
डीएनए हिंदी: टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह दोनों में ब्लड ग्लूकोज (शर्करा) का स्तर बहुत अधिक हो जाता है. टाइप 1 रोगियों के साथ ऐसा तब होता है जब शरीर इंसुलिन नामक हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता है. वहीं, टाइप 2 मधुमेह में रक्त शर्करा का स्तर आमतौर पर अधिक वजन, खानपान की गलत आदते और एक्सरसाइज न करने या जेनेटिक कारणों से होता है. दोनों में ही खानपान पर विशेष सख्ती बरतनी होती है.
कई बार मन के चाहने पर भी पसंदीदा खाना खाने की इजाजत नहीं होती है लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप खानपान की आदतों में छोटे से दो बदलाव कर दें तो आप अपनी मनचाही चीजों को कभी कभार खा सकेंगे और इससे आपका शुगर भी नहीं बढ़ेगा. चीनी ही नहीं डायबिटीज रोगी को अधिक वसा और नमक तक सेवन मना होता है लेकिन आप कभी कभी अपने मन का फूड कैसे खाएं, चलिए बताएं.
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ऐसे खाएं तो नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर
यूएस के आहार विशेषज्ञ डॉ नाओमी ब्रोसनाहन ने कहना है कि जब भी आप कुछ ऐसी चीज खाएं जो शुगर में खाना मना हो या जिसे खाने से तुरंत शुगर बढ़ाने की संभावना हो तो आप उस डाइट में रफेज को ऐड करें. जैसे कार्बोहाइड्रेट रिच रोटी, पास्ता, चावल, आलू या मीठे खाद्य पदार्थ या कुछ भी खाते हैं तो उसके साथ उसकी दोगुनी मात्रा में प्रोटीन युक्त चीजें और रफेज लें. जैसे डेयरी प्रोउक्ट, समुद्री भोजन, बीन्स, टोफू नट, हेल्दी सीड्स आदि और इन चीजों को आप जैतून के तेल में बनाएं. अधकि से अधिक फाइबर यानी पत्तेदार सब्जियां या मोटा अनाज यानी खड़ा अनाज आपकी मनचाही चीजों से मिलने वाले शुगर को तुरंत ब्लड में ग्लूकोज में बदलने से रोकेगा.
असल में रफेज वाली चीजें रक्त प्रवाह में कार्बोस के अवशोषण को धीमा कर देती हैं और ग्लूकोज स्पाइक से आप बच जाएंगे. वहीं अगर आप बिना रफेज या फाइबर वाली चीजों के साथ मीठा या कार्ब्स से भरा खाना खाते हैं तो इससे ब्लड में तुरंत ग्लूकोज का लेवल हाई हो जाएगा.
डॉ नाओमी का कहना है कि अपने मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (फाइबर, प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट) को एक विशिष्ट क्रम में खाने से भोजन के बाद ग्लूकोज स्पाइक को 73 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है.
इस रूल को करे फॉलो
आपनी पसंद की कोई भी चीज खाने से पहले सब्जियां और भरपूर साबूत अनाज खाएं उसके बाद प्रोटीन और वसा और फिर स्टार्च और शर्करा का क्रम रखें. उदाहरण के लिए अगर आप कोई मिठाई, आलू, मैदे या चावल से बनी कोई चीज खाने जा रहे हैं तो पहले पत्तेदार रफेज से भरी सब्जियां खानी चाहिए, फिर प्रोटीन युक्त कुछ चीज और सबसे अंत में पसंदीदा आलू या मिठाई.
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इतना रहना चाहिए शुगर
“फाइबर, प्रोटीन और वसा ग्लूकोज स्पाइक को कम करने में मदद करते हैं. उपवास करते समय "सामान्य" रक्त शर्करा का स्तर 4.0 से 5.4 मिलीमोल प्रति लीटर (mmol/L) के बीच माना जाता है. वहीं, खाने के बाद टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए 8.5 mmol/L से कम होना चाहिए.
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