Advertisement

Diabetes Alert: छोटी सी भूल से ब्लड शुगर अचानक लो या हाई हो सकता है, डायबिटीज रोगी जान लें कहां हो रही चूक

डायबिटीज में सही डाइट के साथ खाने का सही समय भी बहुत मायने रखता है, क्योंकि सही अंतराल पर भोजन न करने से भी शुगर अप या डाउन होती है.

Latest News
Diabetes Alert: छोटी सी भूल से ब्लड शुगर अचानक लो या हाई हो सकता है, डायबिटीज रोगी जान लें कहां हो रही चूक

Diabetes Alert: छोटी सी भूल ब्लड शुगर को अचानक लो या हाई करती है

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः डायबिटीज (Diabetes) में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली डाइट (Low Glycemic Index Diet) और एक्सरसाइज (Diet And Exercise) ही नहीं, बल्कि खाने का तरीका और समय (Right Way of Diet Timing) भी सही होना बहुत जरूरी होता है. कई बार डायबिटीज रोगी के सही खानपान और एक्सरसाइज के बाद भी ब्लड शुगर का अचानक से अप-डाउन (Blood Sugar Up And Down) होना लगा रहता है. दवा या इंसुलिन लेने के बाद भी ऐसा होना बेहद खतरनाक होता है. 

शुगर लेवल अचानक से कभी हाई तो कभी लो (Blood Sugar level Suddenly High or Low) अगर बार-बार होने लगे तो संभव है कि आप आप खाते समय कुछ भूल कर रहे हैं. यही क्योंकि खाने रूटीन (Diet Routine) में गड़बड़ी शुगर लेवर को अप या डाउन करने लगती है.

दो खाने के बीच गैप बनती है शुगर लेवल को बिगाड़ने की वजह

शुगर का अप एंड डाउन होने का सबसे बड़ा कारण होता है आपके दो खानों के बीच का अंतराल. बहुत लंबे समय पर खाना या जल्दी-जल्दी खाना दोनों ही नुकसानदाय होता है. ऐसे में आपको यह निश्चित तौर पर पता होना चाहिए कि आप खाना कैसे खाएं कि आपका शुगर लेवल मेंटेन रहे. 

यह भी पढ़ें: Blood Sugar Alert : ब्लड में शुगर बढ़ते ही एक हफ़्ते में नजर आने लगेंगे ये लक्षण, डायबिटीज रोगी ध्यान दें

एक रिसर्च में खाने की टाइमिंग को लेकर आई है जिसमें यह पाया गया कि अगर डायबिटीज रोगी के खाने के बीच अंतराल गड़बड़ होता है तो उसके शुगर का अप या डाउन होना तय है. वहीं जो तय समय पर भोजन करते हैं उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.

अगर सुबह के समय आपका शुगर हाई हो रहा या डाउन हो रहा तो ये आपके रात में खाना खाने के अंतराल के कारण भी हो सकता है. शोधकर्ताओं ने टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में हेपेटिक ग्लाइकोजन के स्तर और इंसुलिन सेंसिटिविटी की जांच की और पाया कि 10 घंटे का यह उपवास टाइप 2 डायबिटिज़ के मरीज़ों में 24 घंटे के ग्लूकोज होमियोस्टेसिस में सुधार का एक सुरक्षित और प्रभावी माध्यम है.

यह भी पढ़ें: Blood Sugar: अचानक शुगर कम होने पर दिखते हैं ये लक्षण, डायबिटीज रोगी तुरंत आजमाएं ये टिप्स

क्या है उपाय
डॉक्टरों के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज को खान-पान में सुधार से ठीक किया जा सकता है. अधिकांश रोगी अपने रात के खाने और सुबह के खाने के बीच 12-14 घंटे का अंतराल रखते हैं, लेकिन अगर किसी मरीज का hbA1C, 5.7 से 6.4 के बीच है, तो उन्हें भोजन में 8 घंटे से अधिक का गैप नहीं होने देना चाहिए.  ऐसे लोगों का शुगर लेवल को नियंत्रित तभी होगा जब मरीज़ अधिक उपवास न करें.

रात और सुबह के खाने के बीच 10 घंटे से ज्यादा का उपवास रखने से शुगर लेवल को बहुत कम या ज्यादा कर सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक दो खाने के बीच 10 घंटे से ज्यादा का अंतराल उल्टा असर डालता है. ज्यादा देर तक भूखे रहने से शरीर में जमा फैट टूटकर शुगर में बदल जाता है, जिससे शुगर लेवल काफी स्पाइक कर जाता है.  डॉक्टरों के मुताबिक डायबिटिक और प्री-डायबिटिक रोगियों के भोजन के बीच छह-आठ घंटे से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए. वहीं, दिन में दो भोजन के बीच 4 घंटे से ज्यादा का अंतराल नहीं होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: High Sugar in Morning : सुबह के समय बढ़ रहा ब्लड शुगर तो जान लें कारण, ऐसे करें तुरंत कंट्रोल

बरतें सावधानी?

  • दवा लेने वाले डायबिटिक रोगियों के भोजन के बीच अंतर होना चाहिए, ताकि भोजन करने के बाद इंसुलिन शरीर में अपना काम कर सके.
  • आदर्श स्थिति वो होगी जब नाश्ता सुबह 6 से 7 के बीच, 11 बजे लाइट स्नैक्स, लंच दोपहर  से 1 से 2 के बीच, 5 बजे तक लाइट नाश्ता और रात का खाना लगभग 8-9 बजे कर लें.
  • जो लोग दवा नहीं खाते हैं, उन्हें भी खाने के इसी पैटर्न का पालन करना चाहिए.
  • उपवास या अनियमित समय पर भोजन करने से शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव हो सकता है. इसलिए खाना जरुर निश्चित समय पर ही करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर

    Read More
    Advertisement
    Advertisement
    Advertisement