सेहत
डायबिटीज में सही डाइट के साथ खाने का सही समय भी बहुत मायने रखता है, क्योंकि सही अंतराल पर भोजन न करने से भी शुगर अप या डाउन होती है.
डीएनए हिंदीः डायबिटीज (Diabetes) में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली डाइट (Low Glycemic Index Diet) और एक्सरसाइज (Diet And Exercise) ही नहीं, बल्कि खाने का तरीका और समय (Right Way of Diet Timing) भी सही होना बहुत जरूरी होता है. कई बार डायबिटीज रोगी के सही खानपान और एक्सरसाइज के बाद भी ब्लड शुगर का अचानक से अप-डाउन (Blood Sugar Up And Down) होना लगा रहता है. दवा या इंसुलिन लेने के बाद भी ऐसा होना बेहद खतरनाक होता है.
शुगर लेवल अचानक से कभी हाई तो कभी लो (Blood Sugar level Suddenly High or Low) अगर बार-बार होने लगे तो संभव है कि आप आप खाते समय कुछ भूल कर रहे हैं. यही क्योंकि खाने रूटीन (Diet Routine) में गड़बड़ी शुगर लेवर को अप या डाउन करने लगती है.
दो खाने के बीच गैप बनती है शुगर लेवल को बिगाड़ने की वजह
शुगर का अप एंड डाउन होने का सबसे बड़ा कारण होता है आपके दो खानों के बीच का अंतराल. बहुत लंबे समय पर खाना या जल्दी-जल्दी खाना दोनों ही नुकसानदाय होता है. ऐसे में आपको यह निश्चित तौर पर पता होना चाहिए कि आप खाना कैसे खाएं कि आपका शुगर लेवल मेंटेन रहे.
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एक रिसर्च में खाने की टाइमिंग को लेकर आई है जिसमें यह पाया गया कि अगर डायबिटीज रोगी के खाने के बीच अंतराल गड़बड़ होता है तो उसके शुगर का अप या डाउन होना तय है. वहीं जो तय समय पर भोजन करते हैं उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.
अगर सुबह के समय आपका शुगर हाई हो रहा या डाउन हो रहा तो ये आपके रात में खाना खाने के अंतराल के कारण भी हो सकता है. शोधकर्ताओं ने टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में हेपेटिक ग्लाइकोजन के स्तर और इंसुलिन सेंसिटिविटी की जांच की और पाया कि 10 घंटे का यह उपवास टाइप 2 डायबिटिज़ के मरीज़ों में 24 घंटे के ग्लूकोज होमियोस्टेसिस में सुधार का एक सुरक्षित और प्रभावी माध्यम है.
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क्या है उपाय
डॉक्टरों के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज को खान-पान में सुधार से ठीक किया जा सकता है. अधिकांश रोगी अपने रात के खाने और सुबह के खाने के बीच 12-14 घंटे का अंतराल रखते हैं, लेकिन अगर किसी मरीज का hbA1C, 5.7 से 6.4 के बीच है, तो उन्हें भोजन में 8 घंटे से अधिक का गैप नहीं होने देना चाहिए. ऐसे लोगों का शुगर लेवल को नियंत्रित तभी होगा जब मरीज़ अधिक उपवास न करें.
रात और सुबह के खाने के बीच 10 घंटे से ज्यादा का उपवास रखने से शुगर लेवल को बहुत कम या ज्यादा कर सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक दो खाने के बीच 10 घंटे से ज्यादा का अंतराल उल्टा असर डालता है. ज्यादा देर तक भूखे रहने से शरीर में जमा फैट टूटकर शुगर में बदल जाता है, जिससे शुगर लेवल काफी स्पाइक कर जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक डायबिटिक और प्री-डायबिटिक रोगियों के भोजन के बीच छह-आठ घंटे से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए. वहीं, दिन में दो भोजन के बीच 4 घंटे से ज्यादा का अंतराल नहीं होना चाहिए.
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बरतें सावधानी?
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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