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PUBG की लत ने लड़के को पहुंचाया अस्पताल, 12-12 घंटे गेम खेलने से हुई रीढ़ की हड्डी में टीबी

गेम की लत ने एक बच्चे को अस्पताल पहुंचा दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक किशोर की रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद बच्चे की स्पाइनल सर्जरी करनी पड़ी...

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PUBG की लत ने लड़के को पहुंचाया अस्पताल, 12-12 घंटे गेम खेलने से हुई रीढ़ की हड्डी में टीबी

सांकेतिक तस्वीर

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बच्चों में बढ़ती गेम की लत (Game Addiction) शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से नुकसान पहुंचाती है. हाल ही में ऐसा ही एक केस सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गेम खेलने के कारण एक किशोर की रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे वह आंशिक रूप से पक्षाघात का शिकार हो गया है.

बताया जा रहा है कि बच्चा अपने कमरे में लगभग एक साल से अलग-थलग रहा था और प्रतिदिन 12 घंटे तक PUBG आदि वीडियो गेम खेलता था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज को चलने और पेशाब में कठिनाई का अनुभव होने के बाद अस्पताल लाया गया, जो अब स्पाइनल सर्जरी (Spinal Surgery) के बाद वह बेड रेस्ट पर है. 

क्या है मामला? 

रिपोर्ट्स के मुताबिक,  PubG गेम की लत और 12 घंटे से ज्यादा कमरे में अकेले रहने की आदत ने धीरे-धीरे बच्चे की रीढ़ की हड्डी को झुका दिया और उसे पेशाब पर नियंत्रण खोने जैसी समस्याएं होने लगीं, करीब 1  साल तक उसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती रही, पर यह पता नहीं चला कि उसे स्पाइनल ट्यूबरकुलोसिस (रीढ़ की टीबी) है.

उसकी हालत जब बहुत ज्यादा बिगड़ चुकी थी, वह ठीक से चल नहीं पा रहा था और पेशाब करने में भी कठिनाई हो रही थी तो अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मेजर स्पाइनल सर्जरी हुई.  

क्या है ये बीमारी? 

इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर (ISIC) के डॉक्टरों के मुताबिक लड़के की रीढ़ में एक गंभीर विकृति थी, जिसे मेडिकल की भाषा में kypho-scoliosis कहा जाता है. ऐसी स्थिति में रीढ़ आगे और साइड की ओर दोनों तरफ से झुक जाती है. बच्चे के MRI स्कैन में पाया गया की रीढ़ की दो हड्डियां (D11 और D12) टीबी से संक्रमित थीं, जिनमें पस यानी मवाद) जमा हो गया था और इससे स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव पड़ रहा था. 

अकेले रहने और गेमिंग की लत  

बताया जा रहा है कि लड़का शारीरिक गतिविधियों में कमी के साथ-साथ सामाजिक अलगाव सहित कई तरह की समस्याओं से पीड़ित था, यह उसके लंबे समय तक अकेले रहने और गेमिंग की लत से जुड़े थे. एक्सपर्ट्स ने बताया कि यह केस काफी जटिल था क्योंकि इसमें एक साथ Spinal TB और गेमिंग की लत दोनों का प्रभाव दिख रहा था.  

ऐसे में दीर्घकालिक विकलांगता को रोकने के लिए उन्नत ‘स्पाइनल नेविगेशन’ तकनीक का उपयोग कर बच्चे की सर्जरी की गई. बताया जा रहा है कि सर्जरी सफल रही और मरीज की स्थिति में सुधार हो रहा है.
 

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