सेहत
Air Pollution Health Effects: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक मौसम में बदलाव, हवा में मिल रहे हानिकारक कण और वायरल इन्फेक्शन- इन तीनों का एक साथ असर लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है.
Symptoms Like Covid-Flu: दिल्ली NCR समेत देश के कई अन्य राज्यों में इन दिनों हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. साथ ही जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है, वैसे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं भी लोगों को सताने लगी हैं. बढ़ते प्रदूषण और मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक मौसम में बदलाव, हवा में मिल रहे हानिकारक कण और वायरल इन्फेक्शन- इन तीनों का एक साथ असर लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है.
लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बंद रहना, हल्का बुखार, शरीर में दर्द, थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं इन दिनों लोगों में आम हैं, इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज करने की भूल न करें. क्योंकि इन लक्षणों के ठीक होने में अब 2 3 दिन से ज्यादा लगते हैं, जो कई बार 10 से 14 दिन तक बने रहते हैं.
इसके अलावा दमा (Asthma), सीओपीडी (COPD) या स्मोकिंग की आदत वाले लोगों में खांसी रात या सुबह के समय काफी ज्यादा बढ़ जाती है, कभी-कभी घरघराहट या सीने में जकड़न की समस्या भी महसूस होती है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस समय फ्लू, राइनोवायरस और अन्य श्वसन संक्रमण वाले वायरस काफी सक्रिय हैं और इनके कारण बुखार, गले में दर्द, बदन दर्द और तेज थकान जैसे लक्षण नजर आते हैं. सामान्य तौर पर ये संक्रमण हल्के होते हैं पर जब इन्हें प्रदूषण की हवा मिलती है तो बीमारी ज्यादा परेशान करने लगती है. इस स्थिति में ठीक होने में लंबा समय लग जाता है. इतना ही नहीं कई मरीजों को भूख कम लगने, नींद न आने या बाहर की हवा में निकलते ही सांस फूलने की शिकायत होने लगती है.
वहीं, जिन्हें बुखार नहीं होता है उन्हें सूखी खांसी, गले में जलन, आंखों में पानी या सिरदर्द जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि यह प्रदूषण से होने वाली एलर्जी का संकेत हो सकता है. क्योंकि हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे महीन कण श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं और सूजन पैदा करने का काम करते हैं. इस स्थिति में वायरल जैसे लक्षण नजर आते हैं.
इस स्थिति में बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का N95 मास्क पहनें और घर में एयर प्यूरीफायर या पौधों की मदद से हवा साफ रखें. इसके अलावा पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल सकें और सुबह या देर शाम टहलने से बचें, क्योंकि इस समय हवा में प्रदूषण सबसे ज़्यादा होता है. वहीं जिन लोगों को पहले से दमा या सांस की समस्या है, वे अपनी नियमित दवाएं समय पर लेते रहें.
डिसक्लेमरः यह खबर सामान्य जानकारी के आधार पर लिखी गई है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.
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