सेहत
कई बार ब्लड शुगर की दवा या इंसुलिन के इंजेक्शन भी डायबिटीज को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं, ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक पत्तियोंं का रस खून में इंसुलिन की कमी को पूर करते हैं.
डीएनए हिंदीः अगर आपका ब्लड शुगर 200 से 300 mg/dL के बीच है तो समझ लें कि ये आपके लिए खतरे का संकेत है. अगर दवा लेने के बाद भी डायबिटीज कंट्रोल नहीं हो रही तो आपको कुछ आयुर्वेदिक पत्तियों को चबानी या उसके रस का सेवन शुरू कर देना चाहिए. ब्लड शुगर का हमेशा ही हाई रहने का मतलब है की आप हाइपरग्लेसेमिया से ग्रस्त हैं.
हाइपरग्लेसेमिया का मतलब है कि आपके ब्लड में ग्लूकोज का लेवल हाई है और इंसुलिन न होने से ये आपके किडनी से लेकर हार्ट तक को खराब कर रहा है . यह तब होता है जब आपका रक्त शर्करा का स्तर लगभग 200 mg/dL या इससे अधिक होता है. हाइपरग्लेसेमिया तब हो सकता है जब डायबिटीज की दवाएं लेना भूल जाएं या दवाओं का डोज कम हो. कई बार पर्याप्त एक्सरसाइज न होने से भी ऐसा होता है.
इन तीन पत्तियों का रस पीना शुगर को कर देगा कम
इंसुलिन प्लांट- कॉस्टस इग्नियस, जिसे इंसुलिन प्लांट के रूप में जाना जाता है, डायबिटीज में इंसुलिन का काम करती हैं और रक्त शर्करा के स्तर को कम करती. इस पौधे की पत्तियों का सेवन करने वाले मधुमेह रोगियों का शुगर तेजी से कम होता है. अगर आप इंसुलिन प्लांट की पत्तियों को चबाते हैं तो इससे भी ब्लड शुगर कंट्रोल होता है. इंसुलिन का बहुत ज्यादा आयुर्वेदिक महत्व है. इसे क्रेप अदरक, पकरमुला, कुमुल और पुष्करमूला जैसे नामों से भी जाना जाता है.
अरबी के पत्ते- में दो प्रकार के कार्बोहाइड्रेट होते हैं - फाइबर और प्रतिरोधी स्टार्च, दोनों ही शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए अच्छे माने जाते हैं. ये दो प्रकार के कार्बोहाइड्रेट इसे मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए उत्कृष्ट बनाते हैं. अरबी में बीटा-कैरोटीन तथा क्रिप्टोक्सैन्थिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो आंख से लेकर पाचन तक के लिए फायदेमंद होते हैं.
गुड़मार के पत्ते- इसके पत्ते एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण टाइप 2 डायबिटीज के प्रबंधन में प्रभावी होते है. यह अग्न्याशय की कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाता है और इंसुलिन स्राव को बढ़ाता है जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम होता है
मीठी नीम- करी पत्ता जिसे मीठी नीम भी कहते हैं- कई एंटीऑक्सिडेंट, खासकर फ्लेवोनोइड्स से भरपूर होते हैं. ये फ्लेवोनोइड शरीर के अंदर ग्लूकोज में स्टार्च के चयापचय को रोकते हैं, इस प्रकार ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. इन पत्तियों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण भी होते हैं. करी पत्ते नैचुरली इंसुलिन को बढ़ावा देते हैं.
इन पत्तियों के अलावा जामुन,आम और अमरूद की पत्तियां भी ब्लड शुगर को क म करने का काम करती हैं.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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