सेहत
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार)का आंकड़ा एक बार फिर से डराने लगा है.देखते ही देखते चमकी बुखार का आंकड़ा करीब दो दर्जन तक पहुंच गया.
डीएनए हिंदीः चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों में कई बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी बार चमकी बुखार हुआ है. स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है. चमकी बुखार जिले में कुल 23 बच्चों में AES की पुष्टि हो चुकी है. इसमे 16 मुजफ्फरपुर ज़िले के हैं, जबकि 7 बच्चे अन्य जिले के हैं. इसमें 21 बच्चों को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है.
बता दें कि चमकी बुखार एक गंभीर बीमारी है, जो अधिक गर्मी और नमी के मौसम में तेजी से फैलती है. ऐसे में इस लेख में हम आपके लिए लाए है कि कैसे आप चमकी बुखार के लक्षणों को पहचान सकते है और अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते है, लेकिन लक्षण दिखने पर डॉक्टर के पास जाना आवश्यक है.
चमकी बुखार के लक्षण
- बच्चे को पूरा दिन तेज बुखार चढ़े रहना
- बच्चे के शरीर में ऐंठन आना
- जब बच्चा दांत पर अपने दांत दबाए रखें
- बच्चे में सुस्ती चढ़ने लगे
- बच्चे में कमजोरी आने लगे और वो बेहोश होने लगे
चमकी बुखार हो तो क्या करें?
पानी और ORS का घोल पिलाते रहें.
पंखे से हवा करें या माथे पर गीले कपड़े की पट्टी लगाएं
पारासिटामोल की गोली डॉक्टर की सलाह के बाद ही दें
तेज बुखार होने पर शरीर को ठंडे पानी से पोछें
शरीर से कपड़े हटा लें और गर्दन सीधी रखें
तेज रोशनी से बचाने के लिए आंखों को पट्टी से ढंक
'बचाव के लिए करें ये उपाए
बच्चे को धूप में जानें से रोकें
गर्मी के समय बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं
रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं
चीनी- 5 -नमक का घोल, छाछ, शिकंजी, तरबूज और खीरे जैसी चीजें खाने को दें.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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