सेहत
Chaas in Winter- ठंड में क्या छाछ पी सकते हैं, क्या हैं इसके फायदे लेकिन किस समय पीनी चाहिए, ये सारी जानकारी यहां पढ़ें
डीएनए हिंदी: Chass Benefits in Winter- सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है, इस मौसम में लोग छाछ पीने से परहेज करते हैं. ज्यादातर लोग गर्मियों में ही छाछ का सेवन करते हैं, लेकिन ऐसा कुछ है नहीं. बल्कि ठंड में भी छाछ के उतने ही फायदे होते हैं जितने गर्मियों में मिलते हैं. छाछ में मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया, कार्बोहाइड्रेट और लेक्टोज इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं. चलिए जानते हैं गर्मियों की तरह ठंड में भी छाछ के क्या फायदे हैं और कैसे पीनी चाहिए
तासीर ठंडी के बाद भी गुणों से भरपूर है छाछ
छाछ के पोषक गुणों की वजह से सर्दियों में भी इसे पीना चाहिए. कई लोगों को सर्दी जुकाम की शिकायत रहती है, इसलिए वे इसका सेवन नहीं करते हैं. इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए गले में दर्द हो सकता है. छाछ में बायो एक्टिव प्रोटीन होता है, जो ब्लड प्रेशर को घटाने का काम करता है, साथ ही इससे वजन भी नियंत्रित होता है. प्रतिदिन छाछ या मट्ठे का सेवन करने से हृदय संबंधी दिक्कत नहीं होती हैं. छाछ अपच, भूख न लगने व कब्ज़ की समस्याओं में फ़ायदा पहुंचाती है
यह भी पढ़ें- बैठे बैठे होने लगा है पीठ दर्द, कैसे करें कम, दर्द में कैसे मिलेगी राहत
छाछ कोलेस्ट्रॉल को घटाने में एक प्राकृतिक औषधि का काम करती है. इसके नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है. छाछ पीने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है.यह एसिडिटी और पेट की जलन को दूर करता है. पेशाब में दर्द हो तो छाछ पीने से आराम मिलता है, इससे डायरिया का खतरा टलता है. छाछ में कैल्शियम बहुत मात्रा में होता है इसलिए यह ऑस्टियोपोरोसिस को दूर करने में मदद करता है.
कब और कैसे पीनी चाहिए छाछ
छाछ में नमक और एक चम्मच पिसी हुई अजवाइन मिलाकर पीने से बवासीर में लाभ होता है.
ठंड में छाछ धूप में बैठकर पीनी चाहिए, इससे ठंड नहीं लगती है.
छाछ में भुना हुआ जीरा मिलाकर पीना भी लाभदायक है
छाछ में गुड़ मिलाकर पीने से ठंडा नहीं लगता है, गले के लिए भी अच्छा है, पाचन ठीक होता है
यह भी पढ़ें- दही खाने से घटती है चर्बी, लेकिन खाने का समय और तरीका सही हो
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.