सेहत
Earbuds For Ear Cleaning: यहां जानें कान की सफाई के लिए इयरबड्स का इस्तेमाल करना कितना सही है, इसके अलावा जानेंगे कान की सफाई का कौन सा तरीका सबसे बेस्ट है...
आमतौर पर कान की सफाई के लिए इयरबड्स का इस्तेमाल किया जाता है, ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि इयरबड्स से कान के अंदर जमी मैल यानी ईयरवैक्स को साफ करना जरूरी है. वहीं कई लोग ऐसे हैं, जो इससे कतराते हैं. ऐसे में आइए जान लेते हैं कान की सफाई के लिए इयरबड्स का इस्तेमाल करना कितना सही है, इसके अलावा जानेंगे कान की सफाई का कौन सा तरीका सबसे बेस्ट है, ताकि आपको कान से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े..तो आइए जानते हैं इसके बारे में...
बता दें कि इयरबड्स से मैल और अंदर चला जाता है, यह ज्यादातर मामलों में वैक्स बाहर निकलने के बजाय और अंदर की ओर धकेल देता है. ऐसी स्थिति में कान का रास्ता बंद हो सकता है और सुनने में परेशानी हो सकती है. इसलिए इयरबड्स का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है.कई मामलों में यह ईयरड्रम (कान का परदा) को नुकसान पहुंच सकता है, इससे कान का पर्दा भी फट सकता है.
ऐसी स्थिति में दर्द, सूजन या यहां तक कि सुनने की शक्ति में कमी आ सकती है. इसके अलावा गंदे या बार-बार इस्तेमाल किए गए इयरबड्स से कान में बैक्टीरिया जा सकते हैं, जिससे फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है.
ईयरवैक्स यानी कान का मैल, शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है और यह एक तरह का सुरक्षा कवच भी है, जो धूल, कीटाणु और अन्य हानिकारक तत्वों से कान को बचाने का काम करता है. इतना ही नहीं ईयरवैक्स में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कान को संक्रमण से बचाते हैं.
कैसे करें कान की सफाई?
आमतौर पर कहा जाता है कि कान को सफाई की जररूरत नहीं है कान की रचना इस प्रकार है कि कान खुद-ब-खुद एक्सेस ईयरवैक्स को धीरे-धीरे बाहर निकाल देते हैं और अगर बहुत ज्यादा वैक्स जमा हो गया हो या वैक्स बनने कि टेन्डेन्सी हो या सुनाई देना कम हो गया है तो इस स्थिति में ENT स्पेशलिस्ट से मिलें. वे सेफ तरीके से कान की सफाई कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में डॉक्टर द्वारा सुझाए गए ईयर ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, बिना सलाह के कान में कुछ भी न डालें.