सेहत
World Breastfeeding Week: बच्चे के लिए मां का दूध बेहतर है या फॉर्मुला मिल्क (Formula Milk) इसे लेकर आपके मन में सवाल उठता है तो आपके लिए ये खबर बहुत जरूरी है.
डीएनए हिंदी: बच्चे के लिए मां के दूध से बेहतर कोई और विकल्प नहींं हो सकता लेकिन कुछ दिक्कतों के कारण कई बार शिशु को फॉर्मुला मिल्क भी देना पड़ता है. जन्म से लेकर शिशु के 6 महीने होने तक दूध के अलावा बच्चों को कुछ नहीं दिया जाता है. कामकाजी महिलाओं के लिए फॉर्मुला मिल्क इन दिनों सबसे आसान बनता जा रहा है लेकिन क्या ये मां के दूध की बराबरी कर सकता है?
हालांकि फॉर्मुला मिल्क में मां के दूध (Breastmilk) के बराबर ही पोषक तत्वों का समावेश होता है लेकिन फिर भी ये मां के दूध की बराबरी क्यों नहीं कर सकता चलिए जानेंं. क्या ब्रेस्टमिल्क को फॉर्मुला मिल्क से रिप्लेस किया जा सकता है या नहीं. चलिए डिटेल में जानें.
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शिशु के जन्म के बाद निकलने वाला मां का पहला गाढ़ा पीला दूध बच्चे के लिए सबसे जरूरी होता है. इस दूध में कई बीमारियों से बचाने की शक्ति होती है और साथ ही ये शिशु को अंदर से मजबूत बनाता है. जन्म के समय शिशु की इम्युनिटी कमजोर होती है और अगर इस समय मां का पहला दूध शिशु को दिया जाए तो वह कई संक्रमण से बच सकते हैं.
ब्रेस्टमिल्क शिशु के शरीर में यह ज्यादा अच्छे से एब्जॉर्ब होता है. इनमें कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन (Protein) भी शामिल हैं. इसके अलावा बच्चे के वृद्धि और विकास के लिए भी मां का दूध ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. वहीं, ब्रेस्टमिल्क में मौजूद फैट्स बच्चों की आंखों के लिए भी अच्छे होते हैं.
विशेषज्ञों की मानें तो ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) का हाई आईक्यू से भी गहरा संबंध है. फार्मुला मिल्क पीने वाले बच्चों से ज्यादा मां का दूध पीने वाले बच्चों में बुद्धिमत्ता (Intelligence) देखी जाती है. इसके अलावा मां का दूध पीते हुए फिजिकल क्लोजनेस, स्किन से स्किन टच होना और आई कोंटेक्ट मां और बच्चे के बीच आत्मिक संबंध कायम होते हैं.
ब्रेस्टफीडिंग से शिशु का वेट सही रहता है और अंदरुनी अंगों को मजबूती मिलती है जैसे लिवर, किडनी और लंग्स आदी. बच्चे का वजन सही तरह से बढ़ता है और बच्चों में मोटापा कम देखा जाता है. इंफेक्शंस से बचाने में भी मां के दूध का अच्छा होता है.
फॉर्मुला मिल्क की बात करें तो इसे मां के दूध में मौजूद पोषक तत्वों को शामिल कर बनाया जाता है. इसमें प्रोटीन, फैट्स, शुगर और विटामिन आदि होते हैं. जिन बच्चों या मां को सेहत से जुड़ी किसी तरह की दिक्कत हो तो डॉक्टर की सलाह पर फॉर्मुला मिल्क पिलाया जा सकता है. हालांकि, इसमें एंटीबोडीज कम होती हैं और मां के दूध जैसे सभी कॉम्प्लेक्स तत्व नहीं होते.
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