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BP and Depression Interrelated: अगर आप लेते हैं टेंशन तो बढ़ जाएगी ये एक और बीमारी

Blood Pressure and Depression: बीपी और डिप्रेशन दोनों एक दूसरे से संबंधित बीमारियां हैं. अगर एक होगी तो दूसरे का होना तय है. जान लीजिए दोनों से होने वाले नुकसान और कैसे जुड़ी हैं दोनों बीमारियां

BP and Depression Interrelated: अगर आप लेते हैं टेंशन तो बढ़ जाएगी ये एक और बीमारी
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डीएनए हिंदी: आजकल ज्यादातर लोगों को बीपी (Blood Pressure) की शिकायत है, इसके साथ ही डिप्रेशन (Depression) की बीमारी भी घर कर रही है. दरअसल, जिनको टेंशन या तनाव होगा उन्हें बीपी की शिकायत तो होगी ही. विशेषज्ञ बताते हैं कि इन दोनों बीमारी का आपस में संपर्क है. दोनों एक दूसरे को साथ लेकर आती है.

अगर किसी को डिप्रेशन (Depression Symptoms) है तो उसे हाईपरटेंशन (Hypertension) होगा और जिसे हाई बीपी की शिकायत है उसे तनाव और अवसाद होगा. इसलिए इन दोनों का इलाज जरूरी है. अगर हम एक का इलाज करते हैं तो दूसरी अपने आप भाग जाएगी. आईए जानते हैं दोनों बीमारियों को बीच क्या है रिश्ता और कैसे दोनों से निपट सकते हैं.

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क्या है संपर्क (Bp related to depression)

तनाव हमारी जिंदगी में बुरी तरह से हावी हो गया है और अगर बीपी की समस्या लंबे समय तक चलती रहती है तो इंसान मानसिक रूप (Mental Health) से अस्वस्थ महसूस करता है, उसे बेचैनी और दिल की बीमारी की शिकायत भी रहती है. विभिन्न अध्ययनों के अनुसार मानसिक तनाव का ब्लड प्रेशर पर गंभीर असर पड़ता है

मैसेचुसेट्स के कार्डिएक साइकाइट्री रिसर्च प्रोग्राम के शोधकर्ताओं के मुताबिक व्यक्ति का दिमाग और विचार निश्चित रूप से दिल से जुड़े होते हैं. जब कोई बात किसी व्यक्ति को परेशान करती है तो सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (एसएनएस) तनाव के प्रति प्रतिक्रियाएं देता हैं जिसे फाइट-ऑर-फ्लाइट रिस्पॉन्स कहते हैं. इस प्रतिक्रिया से हार्ट की धड़कनों की रफ्तार ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है. 

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क्या होते हैं नुकसान (Side Effects of BP and Depression)

  • जब आप ज्यादा चिंता या तनाव लेते हैं तो आपकी दिल की धड़कने तेज हो जाती है और मानसिक रूप से आप अस्वस्थ हो जाते हैं 
  • हाईपरटेंशन से आपको एंग्जाइटी अटैक आ सकता है और आप बेचैनी महसूस कर सकती हैं.
  • हाई बीपी का सीधा असर आपके दिल और दिमाग पर पड़ता है,ऐसे में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है 
  • चिंता करने से लोग अपना संतुलन खो बैठते हैं और धीरे धीरे दिल कमजोर हो जाता है 
  • ज्यादा टेंशन लेने से रक्त वाहिकाओं और प्लेटलेट्स में बदलाव का अनुभव कर सकते हैं. 
     

    (Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.) 


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