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Body Facts: किसी को भी ज़्यादा आता हो गुस्सा पर महिलाओं का अधिक गर्म रहता है दिमाग: रिपोर्ट

कैम्ब्रिज MRC's Laboratory for Molecular Biology के शोधकर्ताओं के अनुसार महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में लगभग 0.4C अधिक गर्म होता है.

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Body Facts: किसी को भी ज़्यादा आता हो गुस्सा पर महिलाओं का अधिक गर्म रहता है दिमाग: रिपोर्ट

सांकेतिक चित्र

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डीएनए हिंदी : जब यह बहस करने की बात आती है कि किसका मिज़ाज़ ज़्यादा गर्म है अक्सर लोग इसे स्वाभाव से जोड़ कर देखते है. क्या कभी आपने सोचा है की दिमाग के तापमान का सीधा सम्बन्ध आपके जेंडर पर निर्भर करता है.  कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की नयी खोज के मुताबिक पुरुषो की तुलना में  महिलाओं का दिमाग(Women's brain) का हिस्सा वास्तव में गर्म होता है. स्टडी के दौरान शोध कर्ताओ ने पाया की ज़्यादातर महिलाओ के मस्तिष्क का तापमान  40 C से ऊपर होने की संभावना अधिक होती है. वही महिलाओं के मस्तिष्क का तापमान पुरुषों के मुकाबले आधा डिग्री तक ज्यादा गर्म होता है. खासकर दिन के समय महिलाओं के दिमाग का तापमान करीब 40.9 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है.

महिलाओं का दिमाग गर्म होने की क्या है वजह

कैम्ब्रिज MRC's Laboratory for Molecular Biology के शोधकर्ताओं ने पाया कि महिलाओं का दिमाग(Women's brain) पुरुषों की तुलना में लगभग 0.4C अधिक गर्म होता है.वही उनका दवा है  कि महिलाओ में हर महीने मासिक धर्म उनके दिमाग के तापमान पर गहरा प्रभाव डालता है और सम्भावना है कि  यह एक मुख्य कारण हो सकता है वैज्ञानिको ने अपनी रिसर्च के दौरान ज्यादातर महिलाओं को ओव्यूलेशन के बाद के चरण में स्कैन किया वही प्री-ओव्यूलेशन चरण के तापमान कि तुलना में  लगभग 0.4C का अंतर था.

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च ये भी दवा करती है  कि जहां शरीर के बाकी हिस्सों का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक रहता है, वहीं मस्तिष्क का औसत तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस होता है. इसके साथ ही  मस्तिष्क के अंदरूनी हिस्सों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकता है.

क्या बढ़ती उम्र डालती है दिमाग के तापमान पर असर

वैज्ञानिको ने इस स्टडी के दौरान स्वस्थ मस्तिष्क के तापमान का पहला 4D नक्शा तैयार किया, जिसमें पाया कि शरीर के अलग- अलग हिस्सों का  औसत तापमान 38.5से अधिक हो सकता है . जबकि चेहरा आमतौर पर 37C से कम होता है. लेकिन गहरी मस्तिष्क संरचनाएं अक्सर 40C से अधिक गर्म होती हैं. मस्तिष्क का उच्चतम तापमान 40.9C तक हो सकता है. वही  शरीर के बाकी अंग आमतौर पर रात में ठंडा होता है और दिन के दौरान गर्म होता है. शोधकर्ताओं का ये भी मानना है  कि बढ़ती उम्र के साथ मस्तिष्क(Human mind) की ठंडा होने की क्षमता खराब हो सकती है.

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एक दिन में कई बार बदलता है दिमाग का तापमान

इस स्टडी के दौरान शोध कर्ताओ ने एडिनबर्ग के रॉयल इन्फर्मरी में एक दिन में सुबह, दोपहर और देर शाम को स्कैन करने के लिए 20-40 आयु वर्ग के 40 स्वयंसेवकों की भर्ती की थीं. इन 40 लोगों में 20 पुरुषों और 20 महिलाएं शामिल थीं . इन सभी का एक दिन के दौरान तीन बार माप लिया गया और पूरे दिन में दिमाग के तापमान में हुए बदलावों को ट्रैक किया गया. इस शोध में पाया गया कि दिमाग का तापमान फिक्स नहीं होता है . यह उम्र, लिंग, मेंस्ट्रुअल साइकल, मस्तिष्क के हिस्से  और दिन के समय के हिसाब से बदलता रहता है. स्टडी के दौरान  सबसे अधिक नतीजों में पाया गया कि दिमाग का तापमान 36.1ºC से 40.9ºC के बीच था. दिमाग(Human mind) की सतह ठंडी होती है, जबकि गहरे क्षेत्र बेहद गर्म होते हैं. जैसे मस्तिष्क के सबसे गहरे हिस्से थैलेमस का तापमान सबसे ज्यादा था. व्यक्ति के लिंग का भी उनके दिमाग के तापमान पर प्रभाव पड़ता है. रिसर्च में ये भी कहा गया है कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग का तापमान बढ़ता है.

 

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