सेहत
Bad Habits For Liver: आज हम आपको कुछ अन्य फैक्टर के बारे में बता रहे हैं, जो चुपचाप आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ये आपके लिवर के लिए शराब से भी ज्यादा खतरनाक हैं...
हेल्दी और फिट रहने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि लिवर हेल्दी (Liver Health) रहे. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक लिवर में अगर खराबी आ जाए तो इसके कारण (Liver Damage) डायबिटीज, दिल की बीमारी, कैंसर, स्ट्रोक, और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां का जोखिम बढ़ जाता है. लिवर डैमेज की बात आती है तो शराब (Alcohol) वो पहला क्रिमिनल होता है, जो हमारे जेहन में सबसे पहले आता है.
हालांकि, आज हम आपको कुछ अन्य फैक्टर के बारे में बता रहे हैं, जो चुपचाप आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसी स्थिति में लिवर डैमेज के लक्षण तब तक नजर नहीं (Alcohol And Liver Health) आते, जब तक की नुकसान ज्यादा न हो जाए. तो आइए जानते हैं इसके बारे में...
एक्सपर्ट्स के मुताबिक हद से ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स, शुगर ड्रिंक्स और हाई फैट फूड का अधिक सेवन नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा बढ़ाता है, यह लिवर में फैट के निर्माण का कारण बनता है, जो वक्त के साथ सूजन और सिरोसिस (Cirrhosis) का खतर बढ़ता है. बता दें कि मोटापे में इजाफे के साथ NAFLD सबसे कॉमन लिवर डिसऑर्डर्स में से एक बनता जा रहा है.
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वहीं पैरासिटामोल (एसिटामिनोफेन) जैसी ओवर-द-काउंटर दवाएं लिवर के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं, खासतौर से जब हाई डोज में लिया जाए या शराब के साथ मिलाया जाए. इसके अलावा कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स और हद से ज्यादा विटामिन ए का सेवन भी लिवर टॉक्सिसिटी में योगदान कर सकता है. इसलिए लंबे वक्त तक दवा का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें.
इसके अलावा हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी इंफेक्शंस दुनिया भर में क्रोनिक लिवर डिजीज के अहम कारण हैं. ये वायरल संक्रमण अक्सर सालों तक अनकंट्रोल्ड रहते हैं और इससे लिवर साइलेंट डैमेज होता है. वैक्सीनेशन (हेपेटाइटिस बी के लिए), रेगुलर टेस्ट और सेफ प्रैक्टिस जैसे कि स्टेरलाइज्ड नीडल का यूज और सेफ यौन संबंध इन इंफेक्शंस को रोकने में मदद कर सकता है.
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इसके अलावा इंडस्ट्रियल केमिकल्स, कीटनाशक और घरेलू क्लीनिंग प्रोडक्ट्स में ऐसे टॉक्सिंस होते हैं, जिन्हें सांस लेने या त्वचा के जरिए एब्जॉर्ब करने से लिवर पर बोझ पड़ता है. ऐसी स्थिति में हानिकारक रसायनों के संपर्क को कम करने और जैविक उपज का चयन करने से जोखिम कम हो सकता है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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