सेहत
क्या होता है ऑटिज्म, ऐसे बच्चों के लक्षण कैसे दिखते हैं, कैसे करें इसका इलाज, माता पिता के लिए क्या है जरूरी
डीएनए हिंदी: Autism Child Symptoms, Treatment- ऑटिज्म एक तरह की दिमाग के विकास से जुड़ी हुई बीमारी है, जिसमें दिमाग का विकास उम्र के साथ साथ नहीं हो पाता है,इस बीमारी के दौरान व्यक्ति पढ़ने लिखने, कोई कार्य करने में अक्षम होता है, उसे कई सारी चीजों में परेशानी आती है, उसका व्यवहार दूसरों से अलग होता है. वो खुदमें ही रहना पसंद करता है. ये बीमारी 2 से 3 साल के बच्चों में होती है, कई बार बच्चे के बड़े होने के बाद इसके लक्षणों का पता चलता है. चलिए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण क्या हैं, इलाज क्या है.
कैसे होते हैं ये बच्चे (Kaise Hote Hain Autistic Bacche)
वैसे तो इस बीमारी का कोई खास इलाज नहीं है लेकिन माता-पिता की केयर और डॉक्टर की गाइडेंस से इसपर काबू पाया जाता सकता है.
इस बीमारी से ग्रसित बच्चे दूसरे बच्चों से बिल्कुल अलग होते हैं, उनकी एक्टिविटी भी अलग होती है, हालांकि कई बच्चे इसमें भी बहुत ही शार्प होते हैं
12-18 महीनों की आयु में (या इससे पहले भी) इसके लक्षण दिखते हैं जो सामान्य से लेकर गम्भीर हो सकते हैं. नवजात शिशु जब ऑटिज्म का शिकार होते हैं उनमें विकास के कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं.
वो तोड़ तोड़कर शब्द बोलता है.
इशारा करके बातें करता है
चुप रहता है, खामोश रहता है
मां की आवाज़ सुनकर मुस्कुराना या उसे प्रतिक्रिया देना
हाथों के बल चलकर दूसरों के पास जाना
आंखों में आंखें मिलाकर ना देखना या आई-कॉन्टैक्ट ना बनाना
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ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों में लक्षण (Autism Symptoms)
इलाज (Treatment)
इस बीमारी का इलाज जितनी जल्दी शुरू हो जाए उतना अच्छा है, इससे बच्चों की कार्यक्षमता बढ़ती है. कई लोग इसकी थैरेपी शुरू कर देते हैं, लेकिन उससे ज्यादा माता पिता की जिम्मेदारी ज्यादा बनती है.
बच्चों को बिहेवियर को देखें, उनकी हर एक्टिविटी को समझें और बहुत प्यार से धैर्य से हैंडल करें
पॉजिटिव रहें और उन्हें भी पॉजिटिव बातों की ओर लेकर जाएं
उनके खाने से लेकर सोने तक का शेड्यूल देखें कि कैसे कब क्या करें
उन्हें कभी इग्नोर ना करें, उनके खाने पीने का खास ख्याल रखें
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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