Advertisement

क्या है Bulging Disc? जिससे जूझ रही हैं Anushka Sharma, जानें इस बीमारी का कारण

Bulging Disc एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो रीढ़ की हड्डियों से शुरू होकर धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच जाती है, जिससे शरीर के बाकी हिस्सों में भी भंयकर दर्द उठता है.

Latest News
क्या है Bulging Disc? जिससे जूझ रही हैं Anushka Sharma, जानें इस बीमारी का कारण

 Anushka Sharma 

Add DNA as a Preferred Source

बॉलीवुड अदाकारा अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) को  'बल्जिंग डिस्क' की समस्या है, जिसे 'हर्नियेटेड डिस्क' (Herniated Disc) भी कहा जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस बीमारी में पूरे शरीर में असहनीय दर्द होता है और इन दिनों ये समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है. बता दें कि यह बीमारी रीढ़ की (Spinal Pain) हड्डियों से शुरू होकर धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच जाती है, जिससे शरीर के बाकी हिस्सों में भी भंयकर दर्द उठता है. आइए जानते हैं क्या है 'बल्जिंग डिस्क' और लोगों में ये बीमारी क्यों बढ़ रही है?

क्या है Bulging Disc?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक बल्जिंग डिस्क नर्वस सिस्टम के कमजोर होने से होता है और यह रीढ़ की हड्‌डी में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिससे दूसरे अंग भी बुरी तरह प्रभावित होने लगते हैं. इस बीमारी का असर हर्नियेटेड डिस्क पर निर्भर होता है. यानी हर्नियेटेड डिस्क अगर लोअर बैक में होता है तो इसका दर्द जांघों और नितंबों में सबसे ज्यादा होता है और हर्नियेटेड डिस्क अगर गर्दन में होती है तो इससे कंधे और हाथ में सबसे दर्द उठता है. 

यह भी पढ़ें:  High BP के हैं मरीज तो रोज रात में इस तेल से करें पैर के तलवों की मालिश, मिलेंगे कई और भी फायदे

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण? 

  •  हाथ-पैरों में दर्द बने रहना
  • हाथ-पैर सुन्न हो जाना व झुनझुनाहट
  • मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना
  • प्रभावित अंगों को हिलाने-डुलाने में मुश्किल होना 

क्या हैं इस बीमारी के कारण? 
बल्जिंग डिस्क होने की आशंका सबसे अधिक उन लोगों में होती है जो घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करते हैं. इसके अलावा ज्यादा आरामदायक लाइफस्टाइल जीने वालों लोगों, ज्यादा फीजियोथेरेपी कराने और गलत तरीके से लंबे समय तक बैठे रहने के अलावा रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ने के कारण यह समस्या लोगों में बढ़ रही है. 

कैसे करें बचाव? 

इससे बचाव के लिए नियमित एक्‍सरसाइज करना जरूरी है. इसके साथ ही अपने बैठने का तरीका सही रखें, रीढ़ और डिस्क पर दबाव कम डालें और शरीर का वजन कंट्रोल में रखें. इसके इलाज के लिए  न्‍यूरोलॉजिस्‍ट से परामर्श लें और नियमित रूप से दवाएं खाएं क्योंकि इस रोग के गंभीर होने पर सर्जरी भी करानी पड़ सकती है. 

इसके अलावा ऐसी स्थिति में डॉक्‍टर आपको फिजियोथेरेपी करवाने की सलाह दे सकते हैं, जिससे मांसपेशियों में लचीलापन आता है और धीरे-धीरे आपको दर्द से आराम मिलता है. इससे बचने के लिए वॉकिंग, स्‍विमिंग, योगा आदि का सहारा लिया जा सकता है. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.)  

ख़बरों जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement