सेहत
Anthrax Outbreak- थाईलैंड में एंथ्रेक्स (Anthrax) से जुड़ी पहली मौत की पुष्टि हुई है, इसके अलावा वहां पर 2 और लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं. इसे देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट जारी कर दिया गया है...
Anthrax Outbreak In Thailand- थाईलैंड में एंथ्रेक्स (Anthrax) से जुड़ी पहली मौत की पुष्टि हुई है, व्यक्ति की उम्र करीब 53 साल थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौत का कारण गाय का मांस खाना है. इसके अलावा देश भर में 2 और लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं. ऐसे में अधिकारियों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट (Anthrax In Thailand) जारी कर दिया है और एंथ्रेक्स (Anthrax) के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय रूप से निगरानी की जा रही है. क्योंकि सैकड़ों लोगों की पहचान इस घातक बैक्टीरिया के संपर्क में आने के रूप में की गई है... अब इस बीमारी ने लोगों को चिंता बढ़ा दी है, ऐसे में आइए जानते हैं आखिर क्या है ये बीमारी, यह कैसे फैलती है..
यह बीमारी जंगली और पालतू जानवरों के जरिए इंसानों में फैलती है, एक्सपर्ट्स के मुताबिक एंथ्रेक्स संक्रमण का बैक्टीरिया मिट्टी में पाया जाता है और जब कोई पालतू और जंगली जानवर मिट्टी खाता है या इससे संपर्क बनाता है, तो यह इंसानों में भी फैल जाता है. इसके अलावा जब कोई इंसान एंथ्रेक्स से संक्रमित जानवर का मांस खाता है या दूध पीता है तो यह उसे भी बीमारी कर देता है.
जब एंथ्रेक्स इंसान के शरीर में प्रवेश करता है, तो यह अपने बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ाता है और धीरे-धीरे टॉक्सिन को रिलीज करता है. इससे इंसान की हालत और गंभीर हो जाती है और समय पर इसका इलाज न मिलने पर व्यक्ति की मौत तक हो जाती है.
क्या दिखते हैं इसके लक्षण?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक एंथ्रेक्स बीमारी के लक्षण संक्रमण के प्रकार पर निर्भर करते हैं और एंथ्रेक्स पैदा करने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आने के 1 दिन से लेकर 2 महीने से ज्यादा समय के बाद तक इस बीमारी के लक्षण देखें जा सकते हैं. इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं.
इलाज क्या है?
अगर किसी व्यक्ति में एंथ्रेक्स के मामूली लक्षण नजर आते हैं तो एंटीबायोटिक्स के जरिए इसे कंट्रोल किया जाता है और गंभीर मामलों में एंटीटॉक्सिन दवाओं के जरिए इस बीमारी का इलाज होता है. बता दें कि इस बीमारी से बचाव के लिए भारत में स्वदेशी वैक्सीन मौजूद है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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