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Ranbir Kapoor Disease: रणबीर कपूर नाक की इस बीमारी से जूझ रहे, इस रोग में खाते समय सांस लेने में होती है दिक्कत

Actor Ranbir Kapoor Suffers Health Issue: एक्टर रणबीर कपूर ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि वह नाक से जुड़ी एक ऐसी बीमारी से जूझ रहे हैं जिससे सांस लेना और खाना दोनों ही डिस्टर्ब होता है. आइए जानते हैं कि आखिर ये बीमारी है क्या और इसके लक्षण क्या हैं.

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Ranbir Kapoor Disease: रणबीर कपूर नाक की इस बीमारी से जूझ रहे, इस रोग में खाते समय सांस लेने में होती है दिक्कत

रणबीर कपूर किसी बीमारी से जूझ रहे हैं

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हाल ही में एक साक्षात्कार में अभिनेता रणबीर कपूर ने कहा है कि वह 'डेविएटेड नेज़ल सेप्टम' से पीड़ित हैं. ये एक नाक से जुड़ी समस्या होती है. इस बीमारी में नाक के दोनों छिद्रों को अलग करने वाली उपास्थि (न तो हड्डी और न ही मांसपेशी) सीधी होने के बजाय घुमावदार हो जाती है. इसे हम आम बोलचाल की भाषा में नाक की हड्डी का बढ़ना भी कहते हैं.

आख़िर ये बीमारी है क्या?

रणबीर का कहना है कि उनकी सांस लेने और खाने की आदतों में बड़ा अंतर ला दिया है. उन्होंने कहा कि वह कई सालों से इस समस्या के साथ जी रहे हैं. मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब नाक की दोनों पालियों को अलग करने वाली उपास्थि असामान्य होती है, तो एक नासिका छोटी और दूसरी बड़ी हो जाती है. इसीलिए एक नासिका छिद्र से अधिक और दूसरे से कम हवा अंदर-बाहर होती है. इससे खाने और सांस लेने की आदतें बदल जाती हैं क्योंकि खाते समय सांस लेते समय दिक्कत होती है. रणबीर ने यह भी कहा कि उनकी जल्दी-जल्दी खाने की आदत इस समस्या के कारण है.

कुछ लोग इस समस्या के साथ पैदा होते हैं

रणबीर की 'डेविएटेड नेज़ल सेप्टम' की समस्या कई लोगों में देखी जाती है. किसी को चोट लगने के कारण यह समस्या हो जाती है तो किसी को यह समस्या जन्म से ही होती है. रणबीर जैसे लोग जो 'डेविएटेड नेज़ल सेप्टम' से पीड़ित हैं, उन्हें सांस लेने में कठिनाई का अनुभव हो सकता है. जैसे-जैसे 'डेविएटेड नेज़ल सेप्टम' की समस्या बढ़ती है, नाक से सांस लेना और छोड़ना मुश्किल हो जाता है. इससे और अधिक जटिलताएँ पैदा होती हैं.

समस्या और गंभीर हो सकती है

'विकृत नासिका सेप्टम' श्वास को प्रभावित करता है. मायो क्लिनिक के अनुसार, 'विकृत नाक सेप्टम' के कारण नाक का एक तरफ का भाग अवरुद्ध हो सकता है. कुछ लोगों को इस समस्या के कारण नाक से खून आने की भी समस्या होती है. 'विकृत नाक सेप्टम' के कारण होने वाली रुकावट नाक की मांसपेशियों की सूजन से बढ़ सकती है.

क्या निदान है?

इस समस्या को खत्म करने के लिए दवाइयों की जरूरत होती है या फिर समस्या ज्यादा गंभीर हो तो नाक में मौजूद कार्टिलेज, जो पागल हड्डी से थोड़ी नरम होती है, को सीधे सर्जरी से सीधा किया जा सकता है.

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?

  •  नासिका छिद्र मानो बंद हो गए हों
  •  नाक से खून आना
  •  चेहरे में लगातार दर्द रहना
  •  खर्राटों की समस्या
  •  सांसों पर ध्यान केंद्रित करना
  •  एक निश्चित करवट (दाहिनी करवट या बायीं करवट) सोना पसंद करते हैं.

डॉक्टर को कब दिखाना है?

  • अगर सर्दी के सभी उपाय करने के बाद भी नाक भरी हुई महसूस हो और सांस लेने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से सलाह लें.
  • अगर नाक से बार-बार खून आ रहा हो तो डॉक्टर से सलाह लें.
  • यदि आपको साइनस की समस्या महसूस हो तो डॉक्टर से मिलें.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)

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