सेहत
क्या कोई पुरुष गर्भवती हो सकता है?' यह सवाल सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन नागपुर में घटी एक सच्ची घटना आपको चौंकाए बिना नहीं रहेगी. ये घटना बेहद विचित्र लेकिन आंख खोलने वाली है. जिसे हर किसी को जानना जरूरी है.
'क्या कोई पुरुष गर्भवती हो सकता है?' यह सवाल सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन नागपुर में घटी एक सच्ची घटना आपको चौंका देगी. यह कहानी है संजू भगत की, जिन्हें लोग कई सालों तक "प्रेग्नेंट मैन" के नाम से जानते थे. वे 36 सालों तक ऐसे बोझ तले जीते रहे, जिसकी सच्चाई जब दुनिया के सामने आई तो चिकित्सा जगत भी हैरान रह गया.
नागपुर के रहने वाले संजू भगत यूं तो एक साधारण इंसान थे, लेकिन एक चीज़ उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी - उनका पेट. उनका पेट इतना बड़ा हो गया था कि वे नौ महीने की गर्भवती महिला जैसे दिखते थे. इस वजह से उन्हें लोगों की अजीबोगरीब निगाहों और तानों का सामना करना पड़ता था.
1999 में जब उनका पेट इतना बड़ा हो गया कि संजू के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया, तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने सोचा कि उनके पेट में एक बड़ा कैंसरयुक्त ट्यूमर है और उन्होंने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला किया.
लेकिन ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों ने जो देखा, उससे वे भी दंग रह गए. संजू के पेट में कोई ट्यूमर नहीं था, बल्कि एक आधा विकसित इंसानी शरीर था! उसमें हड्डियाँ, बाल और अंगों के कुछ हिस्से भी थे. एक पल के लिए डॉक्टर कुछ समझ नहीं पाए. उसके पेट से एक बच्चे का अधूरा शरीर निकला था.
इस चिकित्सा चमत्कार के पीछे रहस्य क्या है?
यह कैसे संभव है? इस अविश्वसनीय घटना के पीछे एक बहुत ही दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति है जिसे 'फीटस इन फीटू' (FIF) कहा जाता है. सीधे शब्दों में कहें तो यह जुड़वाँ भाई-बहनों की एक अधूरी कहानी है.
ऐसा कैसे होता है? जब मां के गर्भ में जुड़वां बच्चे पल रहे होते हैं, तो कभी-कभी एक बच्चा दूसरे बच्चे के शरीर में फंस जाता है और बढ़ना बंद कर देता है.
शरीर के अंदर विकास: एक स्वस्थ शिशु फंसे हुए अधूरे भ्रूण का पोषण करना जारी रखता है, अनजाने में उसे अपने शरीर का एक हिस्सा मानता है.
यह गर्भावस्था नहीं है : यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह वास्तविक गर्भावस्था नहीं है. बल्कि, यह एक चिकित्सीय विसंगति है जहाँ जुड़वाँ भाई-बहन के अवशेष किसी व्यक्ति के शरीर में एक गांठ के रूप में विकसित होते हैं.
इसे 'गर्भवती पुरुष' क्यों कहा जाता है?
यह स्थिति पुरुषों में ज़्यादा आम है. जब यह भ्रूण शरीर में बढ़ने लगता है, तो पुरुष का पेट गर्भवती महिला जैसा दिखने लगता है. इसीलिए लोग मज़ाक में या अनजाने में उन्हें "गर्भवती पुरुष" कहते हैं. लेकिन वैज्ञानिक रूप से, इसका गर्भावस्था से कोई लेना-देना नहीं है.
इस बीमारी के लक्षण शुरुआत में मोटापे या पेट की किसी आम बीमारी जैसे लगते हैं, इसलिए अक्सर इसका पता लगाने में बहुत देर हो जाती है. संजू भगत के साथ भी यही हुआ. इस दुर्लभ बीमारी का पता एक्स-रे और स्कैन के बाद ही चल पाता है.
संजू भगत का मामला दुनिया के सबसे दुर्लभ चिकित्सा मामलों में से एक माना जाता है, जो हमें प्रकृति के चमत्कारों और विज्ञान की सीमाओं का एहसास कराता है.
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