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Zika Virus Attack Alert: पुणे में 10 दिनों में मिले जीका वायरस के 6 मरीज, रोग के लक्षण और बचने का तरीका जान लें

जीका वायरस मच्छर के जरिए फैलने वाला वायरस है जो यौन संपर्क, ब्‍लड इंफेक्‍शन या प्रसव के दौरान संक्रमित मां से बच्‍चे में प्लेसेंटा के जरिए बहुत तेजी से फैल सकता है. तेजी से फैल रहा ये वायरस खतरनाक रूप ले उससे पहले आपको इससे बचने के उपाय समझ लेने चाहिए.

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Zika Virus Attack Alert: पुणे में 10 दिनों में मिले जीका वायरस के 6 मरीज, रोग के लक्षण और बचने का तरीका जान लें

जीका वायरस अटैक से कैसे बचें

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पीएमसी के स्वास्थ्य विभाग ने जीका वायरस संक्रमण का छठा मामला और गर्भवती महिला में इस तरह का दूसरा संक्रमण रिपोर्ट किया है. एरंडवाने के गणेशनगर की 35 वर्षीय महिला में जीका वायरस का संक्रमण पाया गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वह गर्भावस्था के चौथे महीने में है और उसमें जीका से संबंधित कोई लक्षण नहीं है. एरंडवाने के गणेशनगर से परीक्षण के लिए भेजे गए 12 नमूनों में से सात गर्भवती महिलाओं के थे. दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

जीका वायरस को बिल्कुल भी हल्के में न लें. गर्भवती महिलाओं को भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. इसका असर शिशु और गर्भवती महिला पर पड़ता है. जीका वायरस एक बार फिर से अपना सिर उठाना शुरू कर रहा है. जीका वायरस संक्रमण के लक्षण बहुत हल्के होते हैं. इस वजह से गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की जरूरत है. क्योंकि यह जीका वायरस भ्रूण और मां को प्रभावित कर सकता है. 

जीका वायरस कैसे फैलता है? 

जीका वायरस संक्रमित मच्छरों एडीज एजिप्टी और एल्बोपिक्टस के काटने से फैलता है. ये मच्छर भी दिन में ही काटता है या रात में जहां तेज रौशनी होती है वहां भी रहता है. यह वायरस यौन संपर्क, रक्त संक्रमण या प्रसव के दौरान नाल के माध्यम से संक्रमित मां से भ्रूण तक फैलता है. इसके कारण पहले तीन महीनों में गर्भवती महिला की अल्ट्रासाउंड स्क्रीनिंग करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है. 

जीका वायरस के लक्षण

जीका वायरस से संक्रमित लगभग 80 प्रतिशत लोगों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं होते हैं. लेकिन अगर किसी को बुखार,  स्किन पर चकत्ते या दाने, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द या आंखों का लाल होना या कंजेक्टिवाइटिस जैसा महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये लक्षण संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के लगभग एक सप्ताह बाद दिखाई देते हैं और उसके बाद लगभग एक सप्ताह तक रह सकते हैं.

शिशु पर क्या असर होता है?

अमेरिका स्थित सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार, गर्भवती महिलाओं में जीका संक्रमण से माइक्रोसेफली और बच्चे के मस्तिष्क से संबंधित जन्मजात दोष हो सकते हैं. इस स्थिति में बच्चे का सिर छोटा या चपटा होता है. साथ ही आंखें कमजोर हो जाती हैं. जोड़ों में दर्द की समस्या और मस्तिष्क में न्यूरोक्स की कमी और हाइपरटोनिया की समस्या महसूस होने लगती है. 

जीका का समाधान क्या है? 

सबसे पहली सावधानी है मच्छरों से बचके रहें और घर से बहार निकलते हुए एंटी-मॉस्किटो क्रीम लगाएं, मच्छरदानी का प्रयोग करें. गर्भवती महिलाओं में जीका के लक्षण दिखाई देने पर रक्त या यूरिन का आरटी-पीसीआर परीक्षण आवश्यक है. जीका वायरस का कोई एंटीवायरल इलाज नहीं है. लेकिन डॉक्टर इसके लिए दवाइयां जरूर देते हैं. गर्भवती महिलाओं को इन दिनों में आराम करना चाहिए और हाइड्रेटेड रहें. 

(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.)

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