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Cardiac Arrest warning: अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती हैं ये 5 गलतियां

हार्ट अटैक से ज्यादा कार्डिएक अरेस्ट में जान जाने का खतरा रहता है. शरीर में होने वाली दिक्कतें कार्डिएक अरेस्ट आने का संकेत एकदम से देती हैं.

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Cardiac Arrest warning: अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती हैं ये 5 गलतियां

Cardiac Arrest

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डीएनए हिंदीः आज कल नाचते गाते या चलते-फिरते जो अचानक से मौतें हो रही हैं उसके पीछे वजह कार्डिएक अरेस्ट है. हार्ट अटैक में शरीर को 24 घंटे पहले ही कई तरह के संकेत मिलने लगते हैं लेकिन कर्डिएक अरेस्ट में ऐसा नहीं होता है. कार्डिएक अरेस्ट अचानक ही आता है और जब तक शरीर के कुछ संकेतों को इंसान समझता है अटैक आ जाता है. 
कार्डियक अरेस्ट में कुछ मिनट ही जान बचाने के लिए मिलते हैं, जबकि हार्ट अटैक में पहले और अटैक आने के बाद भी रोगी को बचाने के बहुत मौके मिलते हैं. 

कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक क्या है अंतर
का‌र्डियक अरेस्ट में हार्ट अचानक से काम करना बंद कर देता है जबकि हार्ट अटैक खून का संचार रुकता है. यानी हार्ट तक खून नहीं पहुंचता. जैसे जब ब्लड क्लाटिंग आ जाए या खून हार्ट तक पहुंचने में बाधा हो. जबकि कार्डियक अरेस्ट में हार्ट अचानक से रूक जाता है और खून पंप करना रोक देता है.

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण -Cardiac Arrest warning signs
जब कार्डियक अरेस्ट आता है तो धड़कने बढ़ कर 300-400 तक हो जाती हैं. वहीं, ब्लड प्रेशर नीचे की ओर गिरने लगता है और दिल के फंक्शन में अनियमितता आ जाती है. इससे शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती है.

1. हर्टबर्न बहुत ज्यादा बढ़ जाना
2. सांस लेने में तकलीफ या सीना भारी होना
3. अचानक से थकान और बेहोशी सा महसूस होना
4. रह रहकर चक्कर आना
5. ब्लड प्रेशर अनियंत्रित रहना
6. सीने में दर्द होना
7. मितली आना
8. धड़कने अनियंत्रित रहना

कार्डियक अरेस्ट के कारण-Cardiac Arrest Causes

1. नींद की कमी
2. शरीर को आराम न मिलना
3. जल्दी-जल्दी हैवी कार्डियो ट्रेनिंग करना
4. खून में अनियंत्रित और हाई ट्राइग्लिसराइड्स लेवल
5. हाई ब्लड शुगर लेवल
6. बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेना या फिर न लेना फैमिली हिस्ट्री
7. स्टेरॉयड, फैट बर्नर जैसे सप्लीमेंट्स का गलत इस्तेमाल.

इन गलतियों की वजह से कार्डियक अरेस्ट-Mistakes Of Cardiac Arrest
1-सांस फूलने, हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर होने पर चेकअप न कराना.
2-नींद पूरी न होने पर भी वर्कआउट करना.
3-दिल और खून की जांच न कराना.
4-धूम्रपान करना, जरूरत से ज्यादा खाना और पीने से बचें.
5-रिफाइंड शुगर, कार्ब्स, जंक फूड, फास्ट फूड और रिफाइंड तेल का अधिक सेवन

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.) 

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