सेहत
ऋतु सिंह | Jul 15, 2025, 09:56 AM IST
1.4 घंटे पहले कुछ ऐसे संकेत दिखते हैं

हमारा शरीर अक्सर शुरुआत में ही किसी बड़ी मुसीबत के संकेत दे देता है, लेकिन हम उन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं. ब्रेन स्ट्रोक, यानी मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति रुक जाना, एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है. मस्तिष्क की कोशिकाएँ कुछ ही मिनटों में मरने लगती हैं. ऐसे में शरीर स्ट्रोक आने से पहले ही कई संकेत देने लगाता है. करीब 4 घंटे पहले कुछ ऐसे संकेत दिखने लगते हैं
2.अचानक संतुलन खोना और चक्कर आना

स्ट्रोक की शुरुआत में , मरीज़ का संतुलन अचानक बिगड़ जाता है. चलते या खड़े होते समय लड़खड़ाने की प्रवृत्ति होती है. चक्कर आना, आँखों के सामने काले घेरे पड़ना और चक्कर आना जैसे लक्षण गंभीर हो सकते हैं. खासकर अगर बिना किसी शारीरिक गतिविधि के संतुलन बिगड़ जाए, तो यह मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति कम होने का संकेत हो सकता है. स्ट्रोक में, मस्तिष्क का संतुलन केंद्र गड़बड़ा जाता है, इसलिए इन लक्षणों को तुरंत पहचानना चाहिए.
3.एक या दोनों आंखों में धुंधला दिखना

जब मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है, तो दृष्टि तुरंत प्रभावित होती है. अचानक, एक आँख धुंधली हो जाती है या दोनों आँखें धुंधली हो जाती हैं. कुछ रोगियों को दोहरी दृष्टि दिखाई दे सकती है, जबकि अन्य को दृष्टि में कमी का अनुभव हो सकता है. ये लक्षण शुरुआत में अस्थायी लग सकते हैं, लेकिन कुछ ही मिनटों में गंभीर हो सकते हैं. इसलिए, आँखों से संबंधित किसी भी अचानक बदलाव को स्ट्रोक का चेतावनी संकेत माना जाना चाहिए.
4.चेहरे के आधे हिस्से का सुन्न होना

स्ट्रोक के दौरान, चेहरे के एक तरफ की गतिशीलता कम हो जाती है या पूरी तरह से रुक जाती है. स्ट्रोक का एक प्रमुख लक्षण यह है कि मुस्कुराने के लिए कहने पर चेहरे के एक तरफ से मुस्कुराने में असमर्थता होती है. ऐसे मामलों में, चेहरा विकृत दिखाई देता है और बोलते समय शब्द स्पष्ट नहीं होते. चेहरे का यह सुन्नपन या टेढ़ापन मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में रुकावट के कारण होता है.
5.बाहों और पैरों में कमजोरी या सुन्नता

स्ट्रोक की शुरुआत में, जब मरीज़ दोनों हाथ ऊपर उठाता है, तो एक हाथ अपने आप नीचे गिर जाता है. हाथ या पैर पूरी तरह कमज़ोर हो जाता है या नियंत्रण खो देता है. ये लक्षण शरीर के एक तरफ़ ज़्यादा दिखाई देते हैं. कभी-कभी पूरा हाथ या पैर सुन्न हो जाता है. कुछ मरीज़ों को शरीर में झुनझुनी, चुभन या "बेहोशी" का एहसास होता है. यह एक गंभीर स्थिति है जो मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की कमी के कारण होती है.
6.हकलाना, अस्पष्ट भाषा और समय की कमी

स्ट्रोक के बाद याद रखने वाला सबसे महत्वपूर्ण लक्षण भाषा का कमज़ोर होना है. मरीज़ से बात करते समय उसके शब्द अस्पष्ट होते हैं, वाक्य टूटे-फूटे होते हैं और सही शब्दों का चयन करने में कठिनाई होती है. 'बी फास्ट' शब्द में 'टी' का अर्थ 'टाइम' है, जिसका अर्थ है कि समय पर चिकित्सा सहायता लेना ज़रूरी है. जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, उतनी ही ज़्यादा मस्तिष्क कोशिकाओं को बचाया जा सकेगा. स्ट्रोक कोई "क्षणिक" घटना नहीं है, बल्कि यह "जीवन बदल देने वाली" घटना हो सकती है. इसलिए, अगर आपको ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का अनुभव हो, तो समय बर्बाद न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. अगर आप एक पल बचाते हैं, तो आप एक पूरी ज़िंदगी बचा सकते हैं.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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