सेहत
Abhay Sharma | Feb 01, 2026, 09:41 PM IST
1.NIMHANS 2.0 की स्थापना

बता दें कि मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लेते हुए वित्त मंत्री ने NIMHANS 2.0 की घोषणा की, उन्होंने कहा कि बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS) को अब नेशनल लेवल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में और मजबूत किया जाएगा. बता दें कि फिलहाल देश का एकमात्र निमहांस कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में है. साथ ही Tele-MANAS को भी और मजबूत बनाे का फैसला लिया गया है, इनका मकसद देश के बड़े हिस्से तक बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की है.
2.रांची में पहले से ही मौजूद हैं दो प्रतिष्ठित संस्थान

बता दें कि रांची में पहले से ही दो बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) जो कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित है और रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (RINPAS) जो राज्य सरकार द्वारा संचालित संस्थान मौजूद हैं. ये दोनों इंस्टीट्यूट सालों से इलाज, रिसर्च और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.
3.उत्तर भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर भारत में अभी कोई राष्ट्रीय स्तर का मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं है. ऐसे में इस कमी को दूर करने के लिए रांची में NIMHANS 2.0 की स्थापना और असम के तेजपुर स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थान के रूप में अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है. इससे देश के बड़े हिस्से को बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
4.क्या है NIMHANS 2.0?

NIMHANS यानी National Institute of Mental Health and Neuro Sciences, बेंगलुरु स्थित देश का प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान है, यह संस्थान इलाज, ट्रेनिंग और रिसर्च का राष्ट्रीय केंद्र माना जाता है. अब सरकार ने उत्तर भारत में भी NIMHANS 2.0 बनाने का ऐलान किया है. इस नए सेंटर में मानसिक रोगों के इलाज के साथ-साथ डॉक्टरों और काउंसलर्स की ट्रेनिंग और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा. वहीं उत्तर भारत में भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी.
5.Tele-MANAS के बारे में भी जान लें

Tele-MANAS की बात करें तो यह देश का राष्ट्रीय टेली-मेंटल हेल्थ प्रोग्राम है, यह 24x7 मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग देता है. इसके तहत लोग टोल-फ्री नंबर के जरिए काउंसलर और डॉक्टरों से बात कर सकते हैं. बता दें कि देश में ये सेवा पहले से काम कर रही है. लेकिन, बजट 2026 में इसे और मजबूत करने को कहा गया है. इससे ज्यादा लोगों तक समय पर मदद पहुंचे और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पतालों से भी जोड़ा जा सके.
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