सेहत
ऋतु सिंह | Dec 07, 2025, 07:34 AM IST
1.ये बीमारी बन रही चिंता का कारण

कैंसर के मामलों में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है. पिछले साल की तुलना में यहाँ कैंसर के मामलों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. आईसीएमआर के अनुसार, मामलों में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं.
2. ग्लोबल कैंसर ऑब्ज़र्वेटरी की चौंकाने वाली रिपोर्ट

सरकार ने लोकसभा में चौंकाने वाले आँकड़े पेश किए. कैंसर पर शोध करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संस्था, ग्लोबल कैंसर ऑब्ज़र्वेटरी (IARC) के अनुसार, भारत में अनुमानित 1,413,316 कैंसर के मामले (प्रति 100,000 पर 98.5) हैं, जो चीन (4,824,703 मामले, 2016.6 प्रति 100,000) और अमेरिका (2,380,189 मामले, प्रति 100,000 पर 367) के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है.
3. मात्र 5 वर्षों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि

भारत में कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. संसद में सरकार द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, 2020 में देश में अनुमानित 1.392 मिलियन कैंसर रोगी थे, जिनके 2024 तक बढ़कर 1.533 मिलियन होने का अनुमान है. यह मात्र 5 वर्षों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है. राज्यवार विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि छोटे केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिशत वृद्धि सबसे तेज़ रही है, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे बड़े राज्यों में रोगियों की कुल संख्या अधिक है.
4.मरीजों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि कहां हुई?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दमन में कैंसर के मामलों में 39.51% की वृद्धि देखी गई. इसके अलावा, दादरा और नगर हवेली (30.09%), सिक्किम (26.06%), लक्षद्वीप (18.52%) और मणिपुर (18.48%) में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई. दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, तंबाकू सेवन, प्रदूषण और जीवनशैली संबंधी कारक इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं.
5.अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में अधिक बोझ

जनसंख्या के लिहाज से, सबसे ज़्यादा मामले उत्तर प्रदेश (2.21 लाख), महाराष्ट्र (1.27 लाख), पश्चिम बंगाल (1.18 लाख) और बिहार (1.15 लाख) वाले राज्य थे. इन राज्यों में प्रतिशत वृद्धि भले ही कम लगे, लेकिन कुल संख्या बहुत ज़्यादा है.
6.वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि

भारत में 2020 से 2024 तक कैंसर रोगियों में साल-दर-साल वृद्धि इस प्रकार थी: • 2020: 13,92,179 • 2021: 14,26,447 • 2022: 14,61,427 • 2023: 14,96,972 • 2024: 15,33,055 हर साल लगभग दस लाख नए मरीज जुड़ते हैं.
7.कैंसर रोगियों की संख्या में वृद्धि के कारण

आईसीएमआर के अनुसार, मरीजों की संख्या में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं. जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन, बुजुर्गों की बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है. शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण भी एक बड़ी चुनौती बन गया है.
8.कैंसर बन रहा चुनौती

कैंसर भारत में तेज़ी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन गया है. इसकी रोकथाम, जाँच और उपचार के लिए एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता है. आने वाले वर्षों में कैंसर रोगियों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका के साथ, स्वास्थ्य ढाँचे के विस्तार, जीवनशैली में सुधार और तंबाकू नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करने की तत्काल आवश्यकता है.
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