सेहत
Abhay Sharma | Oct 20, 2024, 07:53 PM IST
1.न्यूरॉन होते हैं प्रभावित

एक्सपर्ट्स के मुताबिक बहुत ज्यादा शराब पीने से हमारे ब्रेन के फंक्शन को मैनेज करने वाले न्यूरॉन बहुत ज्यादा प्रभावित होते है. इसकी वजह से न्यूरॉन का आकर ही कम नहीं होता है बल्कि ब्रेन में न्यूरॉन की संख्या में भी तेजी से कमी आ सकती है.
2.याददाश्त होती है कमजोर

अधिक शराब के सेवन से दिमाग पर गहरा असर पड़ता है और इससे सोचने समझने की शक्ति कमजोर जाती है. शराब के अधिक सेवन से हमारे मस्तिष्क के संतुलन पर असर पड़ता है और हमारी स्मृति शक्ति भी प्रभावित होती है.
3.कॉग्निटिव फंक्शन पर पड़ता है असर

इससे दिमाग के कॉग्निटिव फंक्शन पर भी असर पड़ सकता है, जो मानसिक प्रतिक्रियाओं के द्वारा हमारे दिमाग को जानकारी लेने, साझा करने, विकसित करने और स्टोर करने जैसे कार्य में मदद करता है.
4.दिमाग से कंट्रोल खोना

लंबे समय तक शराब के सेवन से मस्तिष्क कंट्रोल में नहीं रहता और इससे बोलने में परेशानी होने के साथ कुछ सीखने में भी समस्या आ सकती है. यह मनोभ्रंश (Dementia) की समस्या के साथ निर्णय को नियंत्रित करने को कठिन बनाता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं.
5.फैटी लिवर

इसके अलावा शराब के अधिक सेवन से अल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, यह एक मेडिकल कंडिशन है जिसमें लिवर में फैट यानी वसा की मात्रा का जमाव हो जाता है और लिवर डैमेज होने लगता है. साथ ही इससे अल्कोहलिक हेपेटाइटिस, पेट में दर्द और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.