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World Breastfeeding Week 2022: शिशु और मां दोनों के लिए फायदेमंद है स्तनपान, ये है वजह

World Breastfeeding Week 2022: राजधानी कॉलेज के प्रोफेसर राजेश गिरी के मुताबिक स्तनपान कराने से मां और शिशु स्वस्थ्य रहते हैं और उनके बीच रिश्ता प्रगाढ़ होता है.

World Breastfeeding Week 2022: शिशु और मां दोनों के लिए फायदेमंद है स्तनपान, ये है वजह

World Breastfeeding Week 2022.

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डीएनए हिंदी: हर साल 1 अगस्त से लेकर 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week 2022) मनाया जाता है. शिशु और मां के लिए स्तनपान के महत्व पर इस सप्ताह के दौरान चर्चा होती है. यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के कुल शिशुओं में से लगभग 60 प्रतिशत को 6 महीने तक जरूरी ब्रेस्टफीडिंग नहीं मिलती है, जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है. उनकी सेहत इस वजह से प्रभावित होती है.

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंद्ध राजधानी कॉलेज की एनएसएस यूनिट ने भारतीय बाल रोग अकादमी, दिल्ली के सहयोग से सोमवार को विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान एक सेशन का आयोजन कराया है.

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क्यों जरूरी है शिशु और मां के लिए स्तनपान?

स्तनपान शिशुओं को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करने का सबसे अच्छा तरीका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि जन्म के एक घंटे से छह महीने तक शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए. इसके बाद भी दो साल की उम्र तक स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को पोषक पूरक खाद्य पदार्थ देना चाहिए.

सेशन के दौरान प्रोफेसर राजेश गिरि ने कहा कि स्तनपान बहुत ही गंभीर विषय है और इन मुद्दों पर शायद ही कोई चर्चा करता होगा. इस पर खुलकर चर्चा करने की जरूत है. उन्होंने राम तेरी गंगा मैली फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि मंदाकिनी का किरदार भी स्तनपान कराने से घबराता नहीं है और ना ही लज्जित महसूस होता है. यही सोच सबको अपनानी चाहिए.

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सत्र पर चर्चा करते शिक्षक.

बच्चों की बेहतर होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

डॉक्टर अनुराग अग्रवाल ने कहा, 'मां के दूध खासकर शुरुआती पीले गाढ़े दूध की वजह से शिशु के शरीर में एंटीबॉडी बनती है. इससे शिशु की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. मां के दूध में शिशु के मानसिक विकास के लिए भी विशेष तत्व मौजूद होते हैं. स्तनपान करने वाले बच्चों को भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर, हृदयरोग व मधुमेह आदि रोग भी कम होते हैं. स्तनपान के फायदों से भावी माताओं को जरूर सूचित कराना चाहिए.'

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स्तनपान कराने से मां का बढ़ा हुआ वजन भी घटता है. महिलाओं में स्तन व ओवरी कैंसर की आशंका भी कम होती है.  स्तनपान कराने से मां और शिशु के बीच लगाव भी बढ़ता है. माताओं का शिशु के साथ त्वचा से त्वचा का संपर्क बढ़ता है. इससे मातृत्व भाव और संतुष्टि में वृद्धि होती है.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.) 

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