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WION Health Pulse: अब स्मार्ट टेक्नोलॉजी से होगा बेहतर इलाज, भारतीय डॉक्टरों ने बताया नया रास्ता

WION Health Pulse: आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लोग ज्यादा निर्भर हो गए हैं. इतना ही नहीं, लोग एआई से ही अपनी हेल्थ को लेकर भी निर्भर हो रहा है. इस बीच भारतीय डॉक्टरों ने भी इस पर बातचीत की है.

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WION Health Pulse: अब स्मार्ट टेक्नोलॉजी से होगा बेहतर इलाज, भारतीय डॉक्टरों ने बताया नया रास्ता

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आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लोग ज्यादा निर्भर हो गए हैं. इतना ही नहीं, लोग एआई से ही अपनी हेल्थ को लेकर भी निर्भर हो रहा है. इस बीच भारतीय डॉक्टरों ने भी इस पर बातचीत की है और लोगों की टेंशन भी दूर की है. दरअसल, WION हेल्थ पल्स का तीसरा सेशन हुआ, जिसमें AI और डिजिटल हेल्थ इंटीग्रेशन पर चर्चा हुई है. इस दौरान पैनल में कई जाने-माने भारतीय सर्जन भी शामिल थे, जिसमें क्सीमेड हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. समा अकबर और आर्कस हॉस्पिटल के डायरेक्टर व रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रोहित लूथरा, सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट और प्रोफेसर डॉ. नीतीश नाइक, कार्डियोलॉजी विभाग, एम्स और डॉ. अर्जुन डांग और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और पार्टनर, डॉ. डांग्स लैब LLP शामिल थे. सर्जन ने WION से मेडिकल प्रैक्टिस में AI को शामिल करने और इसके भविष्य के बारे में बात की.

डॉक्टरों की जगह नहीं लेगा AI

डॉ. नीतीश नाइक का मानना ​​है, AI और रोबोटिक्स मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की जगह नहीं लेंगे, बल्कि उनके काम को बेहतर बनाने में उनकी मदद करेंगे. मेडिकल प्रैक्टिस में रोबोटिक्स और AI को शामिल किया जाएगा, जिससे मरीज़ों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी. इससे 'डिजिटल ट्विन्स' बनेंगे और सर्जिकल प्रक्रियाओं में मदद मिलेगी, लेकिन ये डॉक्टरों की जगह नहीं लेंगे.

बीमारियों का सही पता लगाएगा AI 

डॉ. समा अकबर ने कहा, AI भारत के उन दूर-दराज इलाकों तक पहुंचने में मदद करेगा, जहां स्पेशलिस्ट की कमी है. AI डॉक्टरों को बीमारियों की सही पहचान करने में मदद करेगा. कम-तकनीक वाली और आसानी से उपलब्ध होने वाली सुविधा. बीमारियों की पहचान के लिए जल्द ही AI का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. ये मरीजों को अगले चरण के इलाज के लिए भेजने का एक अच्छा स्क्रीनिंग टूल है. ये प्राइमरी डॉक्टरों को टर्शियरी डॉक्टरों से जुड़ने में मदद करता है."

डॉक्टर ने किया सावधान

अक्सर लोग बिना सोचे-समझे मेडिकल रिपोर्ट को ऑनलाइन शेयर कर देते हैं. इसी वजह से सर्जन नितीश नाइक ने लोगों सावधान करते हुए कहा, जब आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट ऑनलाइन शेयर करते हैं, तो आप अपना पर्सनल डेटा भी ऑनलाइन शेयर कर रहे होते हैं, जो सही नहीं है. इससे प्राइवेसी का उल्लंघन होता है. हमें इस पर नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि डेटा लीक होने की कई घटनाएं होती हैं और इससे गलत काम हो सकते हैं.

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