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Cancer: शरीर के इन 5 हिस्सों में बार-बार उठने वाला दर्द, कैंसर के शरीर में जकड़ने का संकेत है

अगर आपको बार-बार शरीर के कुछ हिस्सों मेें दर्द होता रहता है तो इसे हल्के में न लें क्योंकि कुछ तरह के कैंसर में ये दर्द एक संकेतक होते हैं.

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Cancer: शरीर के इन 5 हिस्सों में बार-बार उठने वाला दर्द, कैंसर के शरीर में जकड़ने का संकेत है

कैंसर के संकेत

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अगर शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द लगातार बना रहता है और दवा से कम नहीं होता, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर इन जगहों पर दर्द हो, तो यह लापरवाही नहीं, बल्कि सावधानी बरतने का संकेत है. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, और जानें...

पीठ दर्द: आजकल पीठ दर्द बहुत आम हो गया है. लगभग 80 प्रतिशत वयस्क लैपटॉप का इस्तेमाल करने, मुलायम सोफे पर बैठने या भारी बैग उठाने के कारण इस समस्या से पीड़ित हैं. लेकिन अगर पीठ दर्द गहरा और लंबे समय तक बना रहे और आराम या दवा से ठीक न हो, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है.
 
खासकर अगर दर्द पेट के ऊपरी हिस्से से कमर के निचले हिस्से तक फैल जाए, तो यह अग्नाशय, स्तन, फेफड़े, प्रोस्टेट या गुर्दे का कैंसर हो सकता है. अगर आपको रात में या लेटने के बाद दर्द बढ़ना, वज़न कम होना, भूख न लगना आदि जैसे लक्षण दिखाई दें, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
 
पेट दर्द: गैस, पेट फूलना या एसिडिटी के कारण पेट दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे और धीरे-धीरे बढ़ता जाए, तो यह ओवेरियन कैंसर, लिवर कैंसर, कोलोन कैंसर या पेट की किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. अगर मल त्याग की आदतों में बदलाव आए, मल में खून आए या खाने के बाद जलन हो, तो इसे नज़रअंदाज़ किए बिना इलाज करवाना ज़रूरी है.
 
सिरदर्द: लगभग सभी को सिरदर्द होता है, लेकिन अगर किसी नए प्रकार का सिरदर्द शुरू हो जाए जो दवा से ठीक न हो, खासकर बुज़ुर्गों में, तो यह ब्रेन ट्यूमर हो सकता है. फेफड़े या स्तन कैंसर भी मस्तिष्क तक फैल सकता है. अगर सिरदर्द के साथ धुंधली दृष्टि, याददाश्त में कमी, या व्यवहार में बदलाव भी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है.
 
हड्डियों या जोड़ों का दर्द: उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों या जोड़ों का दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर यह आराम करते समय भी किसी खास जगह पर बना रहे, तो यह ऑस्टियोसारकोमा या ल्यूकेमिया जैसे कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर इसके साथ बुखार, थकान या वज़न कम हो रहा हो, तो तुरंत स्कैन और जाँच करवाना ज़रूरी है.
 
सीने में दर्द: सीने में दर्द हृदय रोग का संकेत हो भी सकता है और नहीं भी. अगर हृदय संबंधी कोई समस्या नहीं पाई जाती है और दर्द बना रहता है, तो यह फेफड़ों, ग्रासनली या मध्यस्थानिका के कैंसर के कारण हो सकता है. अगर दर्द के साथ खांसी, खून की खांसी, सांस फूलना, आवाज में बदलाव या निगलने में कठिनाई हो रही है, तो आपको तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए.
 
दर्द की प्रकृति को समझना ज़रूरी है: हर दर्द कैंसर नहीं होता, लेकिन कुछ दर्द अगर पुराना हो या दवा से ठीक न हो, तो उसे नज़रअंदाज़ करना खतरनाक होता है. अगर सामान्य दर्द समय के साथ गंभीर हो जाए या उसके साथ अत्यधिक थकान, वज़न कम होना, भूख न लगना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए.
 
शुरुआती लक्षणों को पहचानें: अगर बीमारी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाए तो इलाज आसान होता है. इसलिए, दर्द के प्रकार, अवधि और अन्य लक्षणों पर नज़र रखें और बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें.
 
जागरूकता और नियमित जांच: अपने शरीर को अच्छी तरह से जानना, छोटे-मोटे लक्षणों पर ध्यान देना और साल में कम से कम एक बार पूरी स्वास्थ्य जाँच करवाना, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से बचने में मदद कर सकता है. जागरूक रहें, स्वस्थ रहें.

अगर पुराना दर्द साधारण इलाज से ठीक नहीं होता या दिन-ब-दिन बढ़ता जाता है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. दर्द अक्सर किसी गंभीर बीमारी, खासकर कैंसर का पहला लक्षण होता है. इसलिए इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए.

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें. 

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