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Reduce Cholesterol Level: ओरेगेनो आपके शरीर से गंदे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और आपको हृदय रोग से बचाता है. ओरेगेनो में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने की भी क्षमता होती है. लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि इसके अधिक इस्तेमाल से स्किन रैश, लूज मोशन, पेट में दर्द हो सकता है.
डीएनए हिंदी : ओरेगेनो का इस्तेमाल और इसका स्वाद अब के दौर में सबको पता है, चाहे वह बच्चे हों या बूढ़े. जो पिज्जा और पास्ता आपको खूब लजिज लगते हैं उसके पीछे इसी ओरेगेनो हर्ब का जादू है. इनका स्वाद तभी बढ़ता है जब इन पर ओरेगेनो छिड़का जाता है.
यह ओरेगेनो और कुछ नहीं अजवायन की पत्ती होता है. यह मिंट परिवार की सदस्य है. आपको बता दें कि ओरेगेनो कई रोगों से बचाव भी करता है. यह आपके शरीर से गंदे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और आपको हृदय रोग से बचाता है. ओरेगेनो में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने की भी क्षमता होती है. लेकिन इसके साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस हर्ब का अधिक इस्तेमाल करने पर स्किन रैश, लूज मोशन, पेट में दर्द हो सकता है. फिलहाल इसकी खूबियों के बारे में आपको बता रहे.
ओरेगेनो में विटामिन ए (रेटिनोल), विटामिन ई (टोकोफेरॉल), विटामिन K (फाइलोक्विनोन), विटामिन बी1 (राइबोफ्लेविन), विटामिन बी2 (थियामिन), विटामिन बी3 (नियासिन), विटामिन बी5 (पैंटोथेनिक एसिड), विटामिन बी6 (पाइरिडोक्सिन), विटामिन सी (एस्कॉर्बिक एसिड) भी पाए जाते हैं. इनके अलावा ओरेगेनो में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, फास्फोरस, मैगनीशियम, सोडियम, कॉपर, जिंक, मैंगनीज, सेलेनियम जैसे मिनरल्स भी होते हैं.
ओरेगेनो में मौजूद बायोएक्टिव घटक (कार्वाक्रोल और गामा-टेरपीनिन) ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं. यह कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम कर सकता है. इसलिए यह हृदय रोगों से बचाव करने में भी मददगार हो सकता है.
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ओरेगेनो का सकारात्मक असर शुगर पर पड़ता है. हार्वर्ड हेल्थ के शोध में देखा गया कि चूहों को ओरेगेनो जब ओरली दिया गया, तो उनका ब्लड शुगर लेवल कम हुआ. लेकिन बगैर डॉक्टर से संपर्क किए ओरेगेनो को मधुमेह की औषधि रूप में लेना जोखिम बढ़ा सकता है.
अजवायन की पत्ती में एन्सेफलाइटिस वायरस को कम करने की क्षमता होती है. इसमें मौजूद रोसमारिनिक एसिड वायरल के वायरस की गतिविधि में बाधक बनता है.
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अजवायन की पत्ती में एंटी माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. नेचुरल जर्नल की स्टडी के अनुसार, यह देखा गया है कि इसमें फाइटोकेमिकल्स हो सकते हैं, जो कोशिकाओं, ऊतकों और डीएनए की सुरक्षा के लिए फ्री रेडिकल को बेअसर करते हैं. यह शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकता है.
(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले हमेशा अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.)
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