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Cholesterol Medicine: मात्र 2.5 रुपये की इस दवाई से खत्म हो जाएगा बेड कोलेस्ट्रॉल, हार्वर्ड ने बताई ये सस्ती दवा

यह दवा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले एंजाइम को ब्लॉक कर देती है. इससे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल कम हो जाता है. हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक का खतरा टल जाता है.

Cholesterol Medicine: मात्र 2.5 रुपये की इस दवाई से खत्म हो जाएगा बेड कोलेस्ट्रॉल, हार्वर्ड ने बताई ये सस्ती दवा
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डीएनए हिंदी: फैट से भरपूर चीजों के सेवन करने से हमारी नसों में बेड कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है. यह नसों में जाकर मोम की तरह फंस जाता है. इसकी मात्रा बढ़ने पर यह खून की नसों को जाम कर देता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक तक पड़ जाता है. यह ब्लड फ्लो को रोक देता है, जिसकी वजह से बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल होता है. इस कोलेस्ट्रॉल को कम करने और बचने के लिए खानपान में बदलाव की जरूरत होती है. इसके साथ ही एक्सरसाइज शुरू कर देनी चाहिए. इसके बाद भी कोलेस्ट्रॉल कम नहीं हो रहा है तो आप मेडिसिन भी ले सकते हैं. हालांकि इससे पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.  हम आपको कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली सबसे बढ़िया दवा के बारे में बता रहे हैं. इस दवाई की कीमत भी मात्र 2.5 रुपये है. 

कोलेस्ट्रॉल का लेवल कितना होना चाहिए?

सही स्वास्थ्य के लिए शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल एलडीएल की मात्रा 70 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर या उससे कम होनी चाहिए. अगर एचडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल 40 मिलीग्राम डेसीलीटर से ज्यादा है तो आपके लिए खतरा बन सकता है. ऐसा होने पर आपको एथेरोस्क्लेरोसिस, स्ट्रोक और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. 

ये है कोलेस्ट्रॉल कम करने की बेस्ट दवाई

​हार्वर्ड हेल्थ की मानें तो कोलेस्ट्रॉल् को कम करने के लिए पांच तरह की दवाएं होती हैं. इनमें स्टैटिन दवाई को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इस दवा की 10 गोलियों की कीमत 24 रुपये होती है. इस हिसाब से एक गोली की कीमत 2.4 रुपये है. आप मात्र 2.4 रुपये में कोलेस्ट्रॉल को काबू कर सकते हैं. 

जानिए क्या हैं कोलेस्ट्रॉल की दवा स्टैटिन

स्टैटिन को HMG-CoA रिडक्टेस इनहिबिटर भी कहते हैं. इसमें लवस्टैटिन, सिमवास्टैटिन, प्रवास्टैटिन, फ्लुवास्टैटिन, एटोरवास्टैटिन और रोसुवास्टैटिन पाया जाता है. यह दवा कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले एंजाइम को ब्लॉक कर देती है. इससे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल कम हो जाता है, जिसके बाद हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.) 

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