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World Brain Tumor Day 2022: ब्रेन ट्यूमर के कारण 85 फीसदी मामलों में चली जाती है जान, जानिए उपचार

ब्रेन ट्यूमर दिमाग में कोशिका की असाधारण वृद्धि को कहते हैं. हर साल 8 जून के दिन विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाया जाता है.

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World Brain Tumor Day 2022: ब्रेन ट्यूमर के कारण 85 फीसदी मामलों में चली जाती है जान, जानिए उपचार

Photo Credit: Zee News

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डीएनए हिंदीः दुनियाभर में हर साल 8 जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस (World Brain Tumor Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद ब्रेन ट्यूमर से निदान पाने और उपचार के लिए जागरुकता पैदा करना है. साल 2000 में इसे पहली बार जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन द्वारा मनाया गया था. 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार, भारत में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) ट्यूमर के केस प्रति 100,000 जनसंख्या पर 5 से 10 तक होते हैं. वहीं एक अन्य अनुमान के मुताबिक भारत में हर साल 40 से 50,000 ब्रेन ट्यूमर के केस मिलते हैं. इनमें से 20 प्रतिशत बच्चे होते हैं. दिमाग और सीएनएस का ट्यूमर बच्चो में होने वाले एक चौथाई (26%) कैंसर के लिए जिम्मेदार है. वहीं IARC के साल 2018 के आंकड़ों के मुताबिक इस साल ब्रेन ट्यूमर भारतीयों में दसवां सबसे आम प्रकार का ट्यूमर था. जानते हैं ब्रेन ट्यूमर कितना खतरनाक है और इसके निदान और उपचार (Brain Tumor Treatment) का क्या तरीका है ?

कितना खतरनाक है ब्रेन ट्यूमर
भारत में ब्रेन ट्यूमर के लगभग 85 फीसदी मामलों में जान नहीं बच पाती है. इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ कैंसर रजिस्ट्रीस (आईएआरसी) के अनुसार भारत में हर साल ब्रेन ट्यूमर के 28,000 से अधिक मामले सामने आते हैं और सालाना 24,000 से अधिक लोगों की ब्रेन ट्यूमर के कारण मौत हो जाती है.

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क्या होता है ब्रेन ट्यूमर
ब्रेन ट्यूमर दिमाग में कोशिका की असाधारण वृद्धि को कहते हैं. ब्रेन ट्यूमर दो तरह के होते हैं- एक साधारण ट्यूमर जिन्हे Benign कहते हैं और दूसरे कैंसर कारक जिन्हे अंग्रेजी में Malignant कहा जाता है, इसलिए जरूरी है कि इसका जल्द पता लगाकर लगाकर उपचार किया जाए.

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
अगर आपके सिरदर्द शुरू होने में कोई पैटर्न हैं या फिर आपको लगातार उल्टी और जी घबराना जैसा महसूस होता है?  आपको बोलने में कोई दिक्कत आती है? आप अपने आप को बैलेंस कर पा रहे हैं? क्या आपको धुंधला दिखाई दे रहा है? अगर इन सवालो में से कुछ या सबका जवाब हां है तो आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए.

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न्यूरोलॉजिकल परीक्षण से करें पहचान
ब्रेन ट्यूमर की पहचान के लिए डॉक्टर द्वारा टेस्ट बताए जाते हैं. इनमें इमेजिंग शामिल है. इमेजिंग में एमआरआई, सीटी स्कैन और पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी पीईटी स्कैन जैसे इमेजिंग परीक्षणों का उपयोग किया जाता है. साथ ही पहचान के लिए एंजियोग्राफी, सिर का एक्स-रे, बायोप्सी, न्यूरोलॉजिकल परीक्षा भी की जाती है. 

ब्रेन ट्यूमर का उपचार
ब्रेन ट्यूमर का उपचार ट्यूमर के प्रकार, आकार और स्थान पर निर्भर करता है. इसका उपचार सर्जरी, रेडियोथैरेपी, कीमोथैरेपी, स्टेरॉइड्स एंटी सीज़र  मेडिकेशन और वेंट्रीक्यूलर पेट्रिओनियल शंट हो सकता है. इनमें से सर्जरी सबसे आम है. इस प्रक्रिया में कैंसर की कोशिका को बिना दिमाग पर असर डाले बाहर निकाल दिया जाता है. ट्यूमर को हटाने के बाद कुछ मामलों में रेडियोथैरेपी की जा सकती है. वहीं कुछ मामलों में कीमोथैरेपी भी की जा सकती है.

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