साउथ सिनेमा
साउथ एक्टर राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) की टीम ने बैटिंग ऐप मामले ने बयान जारी किया है.
साउथ एक्टर राणा दग्गुबाती (Rana Daggubati) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) इन दिनों चर्चा में है. दरअसल, दोनों कलाकारों पर अवैध सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने का आरोप लगा है. इन आरोपों के बाद अब दोनों कलाकारों की टीम ने इसपर रिएक्ट किया है.
दरअसल, राणा की टीम ने अपने बयान में साफ किया कि एक्टर ने कौशल आधारित खेलों के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो कि 2017 में समाप्त हो गया है. उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों तक ही सीमित था, जहां ऑनलाइन कौशल आधारित खेलों को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी. राणा दग्गुबाती की कानूनी टीम किसी भी समझौते से पहले सभी साझेदारियों को अच्छे से रिव्यू करती है. सावधानीपूर्वक कानूनी रिव्यू के बाद वह कानून का पूरी तरह से पालन करते हुए सुनिश्चित करते हुए प्लेटफॉर्म का सपोर्ट करने के लिए सहमत हुए.
यह प्रेस नोट किसी भी गलतफहमी को दूर करने और यह पुष्टि करने के लिए जारी किया जा रहा है कि राणा दग्गुबाती की कानूनी और कौशल आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म का सपोर्ट पूरी तरह से कानून का अनुपालन करता है. उन्होंने कहा, '' यह बताना जरूरी है कि इन ऑनलाइन खेलों को भारत के सुप्रीम ने सट्टेबाजी से अलग माना है. कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ये खेल कौशल पर आधारित है न कि संयोग पर और इसलिए इन्हें कानूनी रूप से अनुमति दी गई है.
विजय देवरकोंडा की टीम ने यह भी कहा है कि उनका सपोर्ट केवल कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त कौशल आधारित खेलों के लिए था. टीम ने एक बयान में कहा, '' उनका सपोर्ट केवल उन क्षेत्रों और क्षेत्रों तक सीमित था, जहां ऑनलाइन कौशल आधारित खेलों को कानूनी रूप से अनुमति है. एक्टर की टीम ने आगे कानूनी फैसलों का हवाला दिया. बयान में कहा गया है, '' भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बार बार रम्मी जैसे ऑनलाइन खेलों को जुए से अलग माना है. यह साफ तौर से कहा गया है कि A23 प्लेटफॉर्म में मौके के बजाय कौशल शामिल है, जो इसे कानूनी रूप से स्वीकार्य बनाता है.
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तेलंगाना पुलिस ने प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा और मांचू लक्ष्मी जैसी लोकप्रिय हस्तियों समेत 25 मशहूर सेलेब्स और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
32 वर्षीय व्यवसायी पीएम फणींद्र सरमा की शिकायत के बाद हैदराबाद के मियापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई. अपनी शिकायत में सरमा ने दावा किया कि 16 मार्च को अपने समुदाय के युवाओं के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने पाया कि कई व्यक्तियों को इन सट्टेबाजी ऐप्स में अपना पैसा निवेश करने के लिए इन्फ्लुएंस किया गया था, जिनका सोशल मीडिया हस्तियों ने बड़े पैमाने पर एड किया गया था.
(With inputs from ANI)
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