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फेमस तेलुगु एक्टर Kota Srinivasa Rao का हुआ निधन, 83 की उम्र में ली आखिरी सांस

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के फेमस एक्टर कोटा श्रीनिवास राव का 83 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे.

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फेमस तेलुगु एक्टर Kota Srinivasa Rao का हुआ निधन, 83 की उम्र में ली आखिरी सांस

Kota Srinivasa Rao.

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तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के फेमस एक्टर कोटा श्रीनिवास राव (Kota Srinivasa Rao) का 83 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह पिछले कुछ दिनों से अपनी बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. जिसके बाद 13 जुलाई को उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा. बता दें कि उनका हैदराबाद के फिल्मनगर में स्थित उनके घर पर निधन हुआ है. एक्टर के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां है. 

श्रीनिवास तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं को मिलाकर 750 से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके है. वह अपनी अनोखी आवाज और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे. उन्होंने तमाम फिल्मों में विलेन का रोल किया है और कई कॉमेडी फिल्मों में भी काम करके दर्शकों को हंसाया है.10 जुलाई 1942 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के कनकीपाडु में जन्मे कोटा श्रीनिवास 1978 में चिरंजीवी स्टारर फिल्म प्रणाम खरीदु से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. बता दें कि फिल्मों में आने से पहले वो एक थिएटर आर्टिस्ट थे. 

इन फिल्मों में कर चुके हैं काम

अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होने कई कॉमेडी फिल्मों में काम किया और अपने किरदार से लोगों को हंसाया. उन्होंने बाद में प्रतिघात से विलेन के रोल की शुरुआत की और इससे उन्हें अच्छी पहचान हासिल हुई. उन्होंने खलनायक की एक नई परिभाषा दी. श्रीनिवास ने अपने करियर में कृष्णा, चिरंजीवी, बालकृष्ण, नागार्जुन, वेंकटेश, महेश बाबू और पवन कल्याण समेत कई बड़े एक्टर्स के साथ काम किया. वह अहा! ना पेलांटा, यामुदिकी मोगुडु, कैदी नंबर 786, शिवा, बोब्बिली राजा, यमलीला, बोम्मारिलु, संतोषम, अथाडु और रेस गुर्रम जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं.

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राजनीति में भी सक्रिय थे श्रीनिवास

श्रीनिवास राव को पद्मश्री और नंदी पुरस्कार सहित कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था. 2015 में, उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा वह राजनीति में भी सक्रिय थे. वह 1999 से 2004 तक विजयवाड़ा पूर्व विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक भी रहे हैं. उन्होंने 2010 में हैदराबाद में एक सड़क दुर्घटना में अपने इकलौते बेटे कोटा वेंकट अंजनेया प्रसाद को खो दिया था.

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