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जुबिन गर्ग के अंतिम संस्कार के बाद, सरकार ने उस स्थान को सुरक्षित कर लिया. चिता स्थल को भी चाहरदीवारी के भितर कर दिया जाएगा. इसके अलावा, असम के शिक्षा मंत्री ने ऐलान किया कि जुबिन की अस्थियां ऑनलाइन बांटी जाएंगी. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि इसे पाने का प्रोसेस क्या है और इसे कौन ले सकता है.
Singer Zubeen Garg Ashes: असम के लोकप्रिय गायक और संगीतकार जुबिन गर्ग के असमय निधन के बाद, राज्य सरकार ने उनकी यादों को सहेजने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सरकार ने यह घोषणा की है कि जुबिन गर्ग की अस्थियां अब ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (online application process) के माध्यम से संगठनों और व्यक्तियों के बीच वितरित की जाएंगी. इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक विशेष पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिसका जिम्मा असम का सांस्कृतिक विभाग संभालेगा.
असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही एक आसान ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी. इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न संगठन और संस्थाएं जुबिन गर्ग की अस्थियां प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर संगठनों को अस्थियां देने के बाद भी कुछ अवशेष बचते हैं और व्यक्तिगत स्तर पर भी आवेदन आते हैं, तो उन पर भी विचार किया जाएगा.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पहले की घोषणा के अनुसार, जुबिन गर्ग की अस्थियों का एक हिस्सा जोरहाट ले जाया जाएगा. यही वह शहर है, जहां जुबिन गर्ग ने अपने जीवन के शुरुआती साल बिताए थे. उनकी याद में यहां एक भव्य स्मारक भी बनाया जाएगा. इसके अलावा, उनकी मृत्यु के बाद के तेरहवें दिन के सभी अनुष्ठान भी इसी स्थान पर पूरे किए जाएंगे.
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जुबिन गर्ग का अंतिम संस्कार कमरकुची में हुआ था और अब इस स्थान को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा रहा है. उनकी यादों को अमर रखने के लिए यहां एक स्थायी चहारदीवारी का निर्माण शुरू हो चुका है. इसके साथ ही, प्रशंसकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां एक राज्य पुलिस शिविर भी स्थापित किया जाएगा. इससे लोग एक सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में अपने प्रिय गायक को श्रद्धांजलि दे सकेंगे.
52 वर्षीय जुबिन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में डूबने से निधन हो गया था. उनका अंतिम संस्कार कमरकुची में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. उनके आकस्मिक निधन ने लाखों प्रशंसकों को गहरा सदमा दिया, जिन्होंने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. अब सरकार की यह पहल उनके प्रशंसकों को जुबिन से भावनात्मक रूप से जुड़ने और उनकी यादों को संजोने का एक अवसर प्रदान करेगी.
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