Advertisement
हिंदी न्यूज़एंटरटेनमेंट

102 साल तक जिंदा रहीं बॉलीवुड की सबसे फेवरेट दादी Zohra Sehgal, कहा था- टॉयलेट में फ्लश कर देना मेरी अस्थियां

Zohra Sehgal की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़े तमाम दिलचस्प किस्से चर्चाओं में आ गए हैं.

Latest News
102 साल तक जिंदा रहीं बॉलीवुड की सबसे फेवरेट दादी Zohra Sehgal, कहा था- टॉयलेट में फ्लश कर देना मेरी अस्थियां

जोहरा सहगल

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: रामपुर रियासत के नवाबी खानदान में पैदा हुई जोहरा सहगल को आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी (Zohra Sehgal Birth Anniversary) के मौके पर याद किया जा रहा है. वो ऐसी शख्सियत थीं जो अपने चेहरे पर मोहक मुस्कान, मिज़ाज में जिंदादिली और अंदाज में बेबाकी के लिए पहचानी जाती थीं. आज जोहरा भले ही इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़े तमाम किस्से अब भी चर्चाओं में रहते हैं. फिल्मी करियर, शादी... यहां तक की मौत के बाद तक के फैसले उन्होंने खुद लिए थे. जोहरा ने एक वक्त पर अपनी अस्थियां टॉयलेट में फ्लश कर देने वाली बात कहकर सभी को चौंका दिया था.

इरादे की पक्की थीं जोहरा

जोहरा सहगल का जन्म 27 अप्रैल 1912 को हुआ था और उनका पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताज उल्लाह खान बेगम था. जोहरा ने 1935 में उदय शंकर के साथ बतौर डांसर अपने करियर की शुरुआत की थी. धीरे- धीरे वो उदय शंकर के डांस ग्रुप की ट्रेनर बन गई थीं. इसी दौरान उनकी मुलाकात इंदौर के एक वैज्ञानिक, पेंटर और डांसर कामेश्वर सहगल से हुई और दोनों को प्यार हो गया था. जोहरा मुस्लिम परिवार से थीं और कामेश्वर हिंदू थे इसलिए परिवार से इस शादी को मंजूरी नहीं मिली लेकिन जोहरा इरादे की पक्की थीं और उन्होंने सबके खिलाफ जाकर 1942 में शादी कर ली.

ये भी पढ़ें- जब Vinod Khanna के पिता ने बेटे के सिर पर तान दी थी पिस्तौल, जानें- किस बात पर आया था गुस्सा?

ये भी पढ़ें- Nawazuddin Siddiqui ने बॉलीवुड के काम करने के तरीके पर उठाए सवाल, बताया सेट पर क्या- क्या होता है?

फ्लश में बहा देना अस्थियां

जोहरा 10 जुलाई 2014 को दुनिया को अलविदा कह गई थीं. उनका निधन कार्ड‍िएक अरेस्ट की वजह से हुआ था. वहीं, मरने से पहले वो अपने अंतिम संस्कार का फैसला भी खुद ही करके गई थीं. जब वो 85 साल की थीं तो उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वो इलेक्ट्र‍िक क्रीमेशन चाहती हैं. उनका कहना था कि 'मुझे मेरे अंतिम संस्कार पर कोई कव‍िता या कोलाहल नहीं चाहिए और भगवान के लिए मेरी अस्थियों को घर वापस मत लाना. अगर श्मशान घाट अस्थ‍ियां रखने से मना करे तो टॉयलेट में फ्लश कर देना'. 

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें.

हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

    Read More
    Advertisement
    Advertisement
    Advertisement