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Tamil Director Bharathiraja Passes Away: महान फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है. कमल हासन और श्रीदेवी जैसे सितारों को सुपरस्टार बनाने वाले इस 'लीजेंड' के जाने से सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. 2025 में हुई बेटे मनोज भारतीराजा के मौत के बाद से वह काफी दुखी रहने लगे थे.
भारतीय सिनेमा, विशेषकर तमिल फिल्म उद्योग ने आज अपना एक चमकता हुआ सितारा खो दिया है. यथार्थवादी सिनेमा के जनक माने जाने वाले महान निर्देशक और अभिनेता पी. भारतीराजा का बुधवार सुबह चेन्नई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया. 84 वर्षीय भारतीराजा के निधन की पुष्टि तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल और उनके करीबी पारिवारिक सूत्रों ने की है.
भारतीराजा का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से लगातार गिर रहा था. जानकारों का मानना है कि पिछले साल उनके बेटे और अभिनेता मनोज भारतीराजा के असमय निधन ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से गहरा धक्का पहुंचाया था. उस पारिवारिक त्रासदी के बाद से ही उनके स्वास्थ्य में सुधार की गुंजाइश कम होती गई थी. इससे पहले, दिसंबर में उन्हें श्वसन संबंधी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और इस वर्ष अप्रैल में भी उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल जाना पड़ा था, जहां से ठीक होकर वे घर लौटे थे.
भारतीराजा का नाम तमिल सिनेमा में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. वर्ष 1977 में उन्होंने फिल्म '16 वयथिनिले' के साथ अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की. इस फिल्म में कमल हासन और श्रीदेवी मुख्य भूमिका में थे, जबकि सुपरस्टार रजनीकांत ने विलेन का किरदार निभाया था. ये फिल्म तमिल सिनेमा में इतिहास रच दिया था. उस समय जब अधिकांश फिल्में बंद स्टूडियो और भव्य सेट्स तक सीमित थीं, भारतीराजा कैमरे को गांव की पगडंडियों, खेतों और मिट्टी की सोंधी खुशबू के बीच ले गए थे.
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अपने चार दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने 40 से अधिक ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन किया. उन्हें प्यार और सम्मान से 'आइयक्कुनर इम्मयम' (निर्देशकों का हिमालय) कहा जाता था. निर्देशन के अलावा, उन्होंने अभिनय में भी अपनी धाक जमाई. 'आयुथा एझुथु', 'थिरुचित्रम्बलम' और 'महाराजा' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया. उनकी आने वाली फिल्म 'पुलावर' को अब अभिनेता के रूप में उनकी अंतिम प्रस्तुति माना जा रहा है.
उनकी प्रतिभा और सिनेमा के प्रति उनके योगदान को विश्व स्तर पर सराहा गया. भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था. इसके अलावा, उन्हें अपने करियर के दौरान कई बार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से भी नवाजा गया.
उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई. अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "भारतीराजा सर का जाना तमिल सिनेमा के ऊपर एक घने काले बादल के छा जाने जैसा है. उनकी फिल्में आने वाली पीढ़ियों के लिए फिल्म निर्माण का एक स्कूल बनी रहेंगी. आज दक्षिण भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे युग का आधिकारिक अंत हो गया है."