एंटरटेनमेंट
धर्मा प्रोडक्शन का 'ग्रैंड कमबैक' और निर्देशक शशांक खेतान का अपनी होम-पिच पर लगाया गया विनिंग सिक्सर है 'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी'. अगर आप एक फुल-पैसा वसूल, रंगीन, नाच-गाना और हंसी-मस्ती से भरी टिपिकल बॉलीवुड फैमिली फिल्म की तलाश में हैं, तो रुक जाइए! आपकी तलाश खत्म हुई.
'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी'सिर्फ फिल्म नहीं, ये मॉडर्न ज़माने की रिलेशनशिप्स का 'जलेबी-जैसा' ट्विस्ट है—जहाँ प्यार है, ब्रेकअप है, और हाँ, बदला भी है!.
कहानी: एक्स-लवर्स का 'शादी तोड़ो' मिशन!
कहानी शुरू होती है सनी (वरुण धवन) और तुलसी (जाह्नवी कपूर) से—दो टूटे हुए दिल, जो एक ही मिशन पर एकजुट होते हैं: अपने-अपने एक्स-पार्टनर्स अनन्या (सान्या मल्होत्रा) और विक्रम (रोहित सराफ) की शादी को रोकना! शशांक खेतान ने इस 'गठबंधन' को इतनी खूबसूरती से बुना है कि हर मोड़ पर हंसी आती है और थोड़ी 'हाय!' भी निकलती है. स्क्रीनप्ले तेज़ है, ड्रामा हाई है, और यह दिखाता है कि आज के प्यार में 'संस्कार' कम और 'सियापा' ज़्यादा है!
एक्टर्स की परफॉर्मेंस: केमिस्ट्री का 'बिजुरिया' झटका!
वरुण धवन (सनी): यकीन मानिए, यह वरुण धवन का 'करियर-बेस्ट' है! वह संस्कारी होकर भी 'संस्कारी' नहीं हैं. उनकी कॉमिक टाइमिंग 'पॉइंट-ब्लैंक' है और डांस में तो वह आग लगा देते हैं. पूरी फिल्म को वह अपने कंधों पर किसी सुपरस्टार की तरह उठाते हैं.
जाह्नवी कपूर (तुलसी): जाह्नवी ने मासूमियत और टशन का परफेक्ट कॉकटेल बनाया है. चाहे वह इमोशनल सीन हो या वरुण के साथ उनकी 'नोक-झोंक', वह हर फ्रेम में मज़ेदार लगती हैं. उनकी और वरुण की केमिस्ट्री... 'आग' है!
सपोर्टिंग कास्ट: रोहित सराफ और सान्या मल्होत्रा का फ्रेश पेयरिंग मज़ा देता है, और मनीष पॉल जब भी स्क्रीन पर आते हैं, माहौल में ज़ोरदार ठहाके गूंजते हैं.
म्यूज़िक: डीजे बजाओ! रील बनाओ!
फिल्म का म्यूजिक नहीं, बल्कि यह तो 'पार्टी एंथम' है! "बिजुरिया" सुनकर पैर खुद-ब-खुद थिरकने लगेंगे और "पनवाड़ी" (भोजपुरी-हरियाणवी का मेल!) देश की हर शादी और पार्टी की जान बनने वाला है. शशांक ने गाने को 'सिचुएशन' में ऐसे पिरोया है कि कोई भी गाना 'ब्रेक' नहीं लगता, बल्कि कहानी का मज़ा 'डबल' कर देता है. गणेश आचार्य की कोरियोग्राफी ने तो धमाल मचा दिया है!
डायलॉग और एंटरटेनमेंट: ह्यूमर में भी 'दिल' है!
शशांक खेतान और इशिता मोइत्रा के डायलॉग्स व्हाट्सएप-फॉरवर्ड होने लायक हैं! कॉमेडी झटपट और 'रिलेटेबल' है. फिल्म की सबसे बड़ी जीत यही है कि यह आपको पेट पकड़कर हंसाती है, लेकिन फिर तुरंत एक नाजुक इमोशनल मोमेंट देकर आपके दिल को छू लेती है. यह नई पीढ़ी के प्यार की सच्चाई दिखाता है: हंसी के पीछे छुपा दर्द!
'प्री-क्लाइमेक्स' पर थोड़ी लगाम!
अगर कुछ है जो इस 'फेस्टिव फीस्ट' को थोड़ा धीमा करता है, तो वो है इसका प्री-क्लाइमेक्स. यहाँ फिल्म थोड़ी 'खींचती हुई' महसूस होती है. अगर शशांक खेतान इस हिस्से को 'कड़क' और 'फास्ट-ट्रैक' रखते, तो यह नॉन-स्टॉप एंटरटेनमेंट का तूफान होता!
अंतिम फ़ैसला: टिकट खरीदो और पूरे परिवार को ले जाओ!
'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी' पूरी तरह से एक 'पैकेज डील' है. यह विज़ुअली स्टनिंग है, इसकी एनर्जी छत फाड़ है, और यह आपको खुश करके थिएटर से बाहर निकालेगी. वरुण और जाह्नवी की जोड़ी, शानदार गाने और शशांक खेतान की रोम-कॉम पर मास्टरी... इस फिल्म को 'टोटल विन' बनाते हैं.
फिल्म को कितनी रेटिंग मिली है- 4*
यह फिल्म इस त्यौहार की 'सबसे बड़ी पार्टी' है—मिस मत करना!
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