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समोसे बेचने वाले की बेटी कैसे बनी सुपरस्टार सिंगर? कभी पाई-पाई को मोहताज थी फैमिली, आज है करोड़ों में दौलत-शोहरत

ऋषिकेश में जन्मीं ये सुपरस्टार बचपन में पिता के साथ समोसे बेचकर गुजारा करती थीं. फैमिली की गरीबी को बेहद करीब से देखी हैं. पर, आज अपनी मेहनत के दम पर वे बॉलीवुड की सबसे सफल और लोकप्रिय गायिका हैं.

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समोसे बेचने वाले की बेटी कैसे बनी सुपरस्टार सिंगर? कभी पाई-पाई को मोहताज थी फैमिली, आज है करोड़ों में दौलत-शोहरत

Image Credit: Instagram

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बॉलीवुड की मशहूर ये सिंगर आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली गायिका का जीवन संघर्ष, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की एक बड़ी मिसाल है. 6 जून 1988 को उत्तराखंड के ऋषिकेश में जन्मीं इस सुपरस्टार के लिए सफलता का रास्ता फूलों की सेज नहीं था. वह अपने पिता के साथ बचपन में समोसे बेचती थीं. वही आज इतनी बड़ी सुपरस्टार हैं कि दुनिया भर में लोग इनके गानों के फैन हैं. 

गरीबी में बीता बचपन और संघर्ष

गायिका का बचपन आर्थिक तंगी के साये में बीता. उनके पिता परिवार का पेट पालने के लिए स्कूल के बाहर समोसे बेचा करते थे. सिंगर ने खुद एक रियलिटी शो में बताया था कि जिस स्कूल में उनकी बहन पढ़ती थीं, वहीं उनके पिता समोसे बेचकर गुजारा करते थे. मात्र चार साल की उम्र से ही इस गायिका ने गाना शुरू कर दिया था. अपनी बड़ी बहन और भाई के साथ, वह रात भर माता के जागरण में भजन गाती थीं. उस दौर में उन्हें हर जागरण के लिए मात्र 500 रुपये मिला करते थे.

कौन है ये सिंगर?

आज हम जिस सुपरस्टार सिंगर की बात कर रहे हैं, वह कोई और नहीं बल्कि नेहा कक्कड़ है, जो आज अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं. नेहा कक्कड़ आज न केवल सबसे महंगी गायिकाओं में से एक हैं, बल्कि करोड़ों युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं. माता के जागरण से बॉलीवुड में पहुंचने तक का सफर काफी दिलचस्प रहा है. बता दें, उन्होंने 'सेकंड हैंड जवानी' गाने से बड़ा ब्रेक पाने के बाद नेहा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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इंडियन आइडल से रिजेक्शन तक का सफर

नेहा की जिंदगी का बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने 16 साल की उम्र में रियलिटी शो 'इंडियन आइडल-2' में हिस्सा लिया. हालांकि, वह टॉप 10 में अपनी जगह नहीं बना सकीं और उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. लेकिन नेहा ने हार नहीं मानी और अपनी गायकी पर काम करना जारी रखा.

बॉलीवुड की 'हिट मशीन' बनने की राह

साल 2008 में अपना पहला एल्बम 'नेहा द रॉकस्टार' लॉन्च करने के बाद, साल 2012 में उन्हें फिल्म 'कॉकटेल' के गाने 'सेकंड हैंड जवानी' से बड़ा ब्रेक मिला. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 'काला चश्मा', 'दिलबर', 'मिले हो तुम हमको' और 'सनी-सनी' जैसे गानों ने उन्हें बॉलीवुड की 'हिट मशीन' बना दिया.

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