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जब Nargis ने मीना कुमारी को कहा था- मौत मुबारक!

Nargis की पुण्यतिथि पर लोग उन्हें पुराने किस्सों के जरिए याद कर रहे हैं. इनमें से एक किस्सा उनकी खास सहेली मीना कुमारी से भी जुड़ा है.

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जब Nargis ने मीना कुमारी को कहा था- मौत मुबारक!

नरगिस, मीना कुमारी

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डीएनए हिंदी: बॉलीवुड में की मशहूर आदाकारा नरगिस दत्त (Nargis Dutt) आज भले ही हमारे बीच ना हों पर जब भी बीते जमाने की सफल अभिनेत्रियों की बात होती है तो नरगिस का नाम सबकी जबान पर होता है. हो भी क्यों ना, उनके अभिनय से लेकर उनकी निजी जिंदगी के चर्चे आज भी होते हैं. हालांकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के चलते नरगिस 3 मई 1981 को इस दुनिया को छोड़कर चली गई थीं. 3 मई का वो दिन उनके परिवार और फिल्मी जगत के लोगों के लिए काफी भारी रहा. 

गुजरे जमाने की अदाकारा नरगिस और मीना कुमारी की दोस्ती काफी गहरी थी. मीना कुमारी नरगिस को बाजी यानी बड़ी बहन कहती थीं पर 31 मार्च 1972 को 38 साल की छोटी सी उम्र में मीना कुमारी के चले जाने से नरगिस टूट गई थीं. हालांकि नरगिस ने (Nargis)मीना कुमारी के लिए जो लिखा वो काफी हैरान कर देने वाला था.

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स्पॉटबॉय की एक रिपोर्ट के मुताबिक नरगिस ने मीना कुमारी की मौत के बाद कहा - 'मीना, मौत मुबारक हो. मैंने ये पहले कभी नहीं कहा. मीना, आज आपकी बाजी (बड़ी बहन) आपको आपकी मौत पर बधाई देती है और आपसे इस दुनिया में फिर कभी कदम ना रखने के लिए कहती है. यह जगह आप जैसे लोगों के लिए नहीं है'.  नरगिस ने मीना के लिए एक लेख लिखा था जो उर्दू मैगजीन में पब्लिश भी हुआ था. 

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इस लेख के बाद नरगिस की काफी आलोचनाएं हुईं. इसपर नरगिस ने एक भयानक कहानी का खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने मीना कुमारी को कमरे से हिंसा की तेज आवाज़ें सुनने के बाद सूजी हुई आंखों के साथ देखा था. एक रोज नरगिस ने मीना को बगीचे में पेंटिंग करते देखा तो कहा- 'तुम आराम क्यों नहीं करती, तुम बहुत थकी हुई लग रही हो.' तब मीना ने कहा- 'बाजी, आराम करना मेरे भाग्य में नहीं है. मैं सिर्फ एक बार आराम करूंगी'. दोनों अदाकाराएं बला की खूबसूरत पर कहते हैं ना कि खूबसूरत चहरों के पीछे की उदासी जल्दी कोई नहीं पढ़ पाता है.

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