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मोहम्मद रफी के बेटे का सनसनीखेज दावा दशकों से इन तीनों गायकों ने अपनी आवाज़ से लोगों का दिल जीता है. इतना ही नहीं, अपने मधुर गीतों से इन तीनों ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है.
मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद ने आशा भोसले और लता मंगेशकर पर लगाया अपने पिता का करियर बर्बाद करने का आरोप, असुरक्षा और ईर्ष्या के कारण जानें पूरी जानकारी मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद ने आशा भोसले पर लगाया आरोप: 'लता मंगेशकर और आशा भोसले, दोनों बहनें मेरे पिता से ईर्ष्या करती थीं...'; मोहम्मद रफी के बेटे का सनसनीखेज दावा मोहम्मद रफी के बेटे का सनसनीखेज दावा दशकों से इन तीनों गायकों ने अपनी आवाज़ से लोगों का दिल जीता है. इतना ही नहीं, अपने मधुर गीतों से इन तीनों ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है.
Mohammed Rafi Son Shahid Accuses Asha Bhosle: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसे नाम किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. अगर बॉलीवुड के दिग्गज गायकों के नामों की बात की जाए तो इन तीनों गायकों का नाम सबसे पहले आता है. दशकों से इन तीनों गायकों ने अपनी आवाज से लोगों का दिल जीता है. इतना ही नहीं, अपने मधुर गीतों से इन तीनों ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है. ऐसे में मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने एक इंटरव्यू दिया. इस इंटरव्यू में बात करते हुए उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
विकी लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में शाहिद रफ़ी ने बताया कि आशा भोसले और लता मंगेशकर... दोनों ही उनके पिता (मोहम्मद रफ़ी) से नाराज़ थीं. दोनों उनसे नाराज़ रहती थीं और इसीलिए दोनों ने मिलकर उनका करियर बर्बाद कर दिया. शाहिद रफ़ी ने यह भी बताया कि जब उनके पिता मोहम्मद रफ़ी का नाम सबसे ज़्यादा गाने गाने के लिए गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने वाला था, तो लता मंगेशकर उसमें शामिल हो गईं.
यह पूछे जाने पर कि क्या लता मंगेशकर का नाम सबसे ज़्यादा गाने गाने के लिए गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है, शाहिद रफ़ी ने कहा, "लोगों को पता नहीं है. बाबा का नाम पहले आया था, लेकिन लता जी ने ये नहीं कहा कि मैंने सबसे ज़्यादा गाने गाए हैं. बाबा (मोहम्मद रफ़ी) का नाम पहले ही गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में आ चुका था. तब लता जी ने बीच में आकर कहा, नहीं मोहम्मद रफ़ी, मैंने सबसे ज़्यादा गाने गाए हैं. उसके बाद अब्बा चले गए और गाने गाते रहे..."
विक्की लालवानी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान, शाहिद रफ़ी ने बताया कि उनके अनुसार, दोनों बहनें लता और आशा अपने पिता की लोकप्रियता से जलती थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस गुस्से का मोहम्मद रफ़ी के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा. शाहिद ने दावा किया है कि दोनों बहनों ने मिलकर अपने पिता को पीछे धकेलने और संगीत जगत में उनके योगदान को कम करने की कोशिश की.
इतना ही नहीं, शाहिद रफी ने आशा भोसले के एक बयान पर कड़ी नाराजगी जताई थी. आशा जी ने एक बार कहा था कि रफी साहब की आवाज में कोई रेंज नहीं है. इस पर शाहिद ने कहा था कि उनके पिता की आवाज की विविधता पर सवाल उठाना मूर्खता है... आप विद्वान हैं, आपको शर्म आनी चाहिए... इस उम्र में ऐसा मत कीजिए. मैं उन्हें सीधे तौर पर कह रहा हूं, ईश्वर मौजूद है. अगर कोई मेरे पिता के बारे में कुछ भी कहे तो मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता... आगे बोलते हुए शाहिद ने याद किया कि रफी साहब कभी नहीं पूछते थे कि गाना किस अभिनेता पर फिल्माया जाएगा, बल्कि वह गाने की स्थिति और भावनाओं के अनुसार अपनी आवाज को ढाल लेते थे. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी.
रफ़ी साहब और लता मंगेशकर के बीच मतभेद की खबरें पहले भी आती रही हैं. शाहिद ने खुलासा किया कि उनके बीच मतभेद इस हद तक बढ़ गए थे कि दोनों ने लंबे समय तक एक-दूसरे से बात नहीं की. इस बीच, बाद में अभिनेत्री नरगिस और संगीतकार जयकिशन की पहल पर रफ़ी साहब ने लता जी को माफ़ कर दिया. उसके बाद दोनों ने एक कार्यक्रम में साथ में प्रस्तुति दी.
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