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Sanjay Kapoor’s Property Controversy: करिश्मा कपूर के बच्चों समाइरा और कियान कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है कि उनके दिवंगत पिता संजय कपूर की वसीयत फर्ज़ी है. इस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है..
Sanjay Kapoor’s Property Controversy: संजय कपूर (Sanjay Kapoor) की संपत्ति का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, उनकी दूसरी पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों समाइरा कपूर और कियान कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. इस याचिका में दावा किया गया है कि उनके पिता संजय कपूर की वसीयत से छेड़छाड़ की गई है. दोनों बच्चों ने मांग की है कि उनके पिता की व्यक्तिगत संपत्ति में उन्हें भी हिस्सा मिले.
दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट में करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) के बच्चों की तरफ सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी पेश हुए, वहीं प्रिया सचदेव कपूर की तरफ से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर पेश हुए.
करिश्मा कपूर के बच्चों की तरफ से पेश हुए महेश जेठमलानी ने कहा कि शुरुआत में प्रिया कपूर की तरफ से उनके क्लाइंट्स को बताया गया कि संजय कपूर ने कोई वसीयत नहीं छोड़ी है और उनकी कुछ संपत्तियां ट्रस्ट के पास है. जेठमलानी ने बताया कि ट्रस्ट के प्रोविजंस पर बात करने के लिए प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बीच दिल्ली के ताज मानसिंह होटल में मीटिंग फिक्स हुई. तब तक विल के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया था.
30 जुलाई को दोनों की मुलाकात हुई, दोनों के वकीलों की मौजूदगी में कोर्ट को बताया कि ट्रस्ट डीड उन्हें नहीं दिया गया. वसीयत को जल्दबाजी में पढ़ा गया. ये भी कहा गया कि आपको अगर विल की कॉपी चाहिए तो NDA (नॉन डिस्क्लोज़र अग्रीमेंट) साइन करना होगा, जिसके लिए उन्होंने इससे इनकार कर दिया.
जेठमलानी ने वसीयत की तारीख को लेकर भी सवाल उठाए, इसपर उन्होंने कहा कि समायरा और कियान संजय कपूर के क्लास 1 एयर्स हैं. पहले प्रिया कपूर की तरफ से उन्हें बताया गया कि कोई वसीयत नहीं. उन्होंने बताया कि ताज में मीटिंग के दिन ही उन्होंने भी विल के बारे में पहली बार सुना था. जेठमलानी ने कहा कि यह थोड़ा अजीब लगता है क्योंकि दिनेश अग्रवाल उनके कर्मचारी हैं.
उन्हें संजय कपूर के निधन के 6 दिन बाद ही उस कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया गया था, जिसके पास ट्रस्ट का बड़ा स्टेक है. जेठमलानी ने कहा कि इस वसीयत पर सबसे ज्यादा संदेह इसलिए है क्योंकि उनके दो बच्चों को उस वसीयत से पूरी तरह बाहर रखा गया है.
प्रिया सचदेव के वकील राजीव नायर ने कोर्ट में कहा, इतना रोना-धोना मचा रखा है. विल के सामने आने से 6 दिन पहले ही ट्रस्ट के तहत दोनों बच्चों को 1900 करोड़ की संपत्ति दी गई थी और कितना चाहिए उन्हें? राजीव नायर ने कहा, "मृतक ने ट्रस्ट बनाया हुआ है. सूट के फाइल होने से पांच दिन पहले ही ट्रस्ट डॉक्यूमेंट्स के तहत 1900 करोड़ की संपत्ति दोनों बच्चों को ट्रांसफर की जा चुकी है."
जस्टिस ज्योति सिंह ने याचिका को स्वीकार करते हुए प्रिया सचदेव को जवाब दायर करने को कहा. कोर्ट ने वसीयत कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि एक कॉन्फिडेंशियलिटी क्लब बनाया जाएगा, इसके लिए दोनों पक्ष अपने-अपने सदस्य चुन सकते हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को लिस्ट की है.
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