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क्यों और किसको दिया जाता है Guard of Honour? अंतिम संस्कार से पहले Asha Bhosle को मिला खास साम्मान

भारत की दिग्गज संगीतकार आशा भोसले ने 12 अप्रैल रविवार को दुनिया को अलविदा कह दिया है और 13 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार भी हो गया है. लेकिन अंतिम संस्कार से पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया. ऐसे में जानते हैं कि Guard of Honour क्यों और किसे दिया जाता है.

मोहम्मद साबिर | Apr 13, 2026, 06:57 PM IST

1.आशा भोसले को मिला गार्ड ऑफ ऑनर

आशा भोसले को मिला गार्ड ऑफ ऑनर
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अपनी आवाज से दुनिया भर में पहचान बनाने वालीं आशा भोसले का निधन रविवार 12 अप्रैल रविवार को गया था, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को हुआ. लेकिन इससे पहले दिग्गज संगीतकार को महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया है. 
 

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2.Guard of Honour क्या है और क्यों दिया जाता है?

Guard of Honour क्या है और क्यों दिया जाता है?
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Guard of Honour एक औपचारिक समारोह परंपरा है, जिसे सेना और राज्य प्रोटोकॉल के तहत निभाया जाता है. हालांकि भारत में इसके गणतंत्र की ओर से आधिकारिक सम्मान कहा जाता है. ये सम्मान किसी पद या बलिदान से जुड़ा हुआ है. इसमें राष्ट्रपति को 150 सैनिक, प्रधानमंत्री को 100, और अन्य VVIP को 50 सैनिक ये सलामी देते हैं.
 

3.किसे दिया जाता है ये सम्मान?

किसे दिया जाता है ये सम्मान?
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भारत में Guard of Honour राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारी या सेना, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, शहीद सैनिक और उन महान हस्तियां को दिया जाता है, जिन्होंने कला, संगीत, साहित्य या समाज सेवा अहम योगदान दिया होता है. 
 

4.आशा भोसले को क्यों मिला ये सम्मान?

आशा भोसले को क्यों मिला ये सम्मान?
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आशा भोसले ने अपनी आवाज से से देश और दुनिया में पहचान बनाई है. उन्होंने हजारों गाने गए हुए हैं. इसके अलावा उन्हें नेशनल और इंटरनेशनल पुरस्कार से भी नवाजा गया है. इसी वजह से उन्हें Guard of Honour देकर सम्मान और श्रद्धांजलि दी गई है. 
 

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