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Independence Day Watchlist: 'गांधी' से 'भगत सिंह' तक, 15 अगस्त पर इन 7 फिल्मों में देखें इंकलाब और अहिंसा की झलक

Independence Day Watchlist: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपनी वॉचलिस्ट में आप ये दमदार फिल्मों को शामिल कर सकते हैं. 'गांधी' से लेकर 'भगत सिंह' और 'मंगले पांडे' तक, देश के अमर नायकों के बलिदान और संघर्ष की अनकही दास्तान इन मूवीज में देख सकते हैं.

Pragya Bharti | Aug 14, 2026, 12:22 PM IST

1.Top 7 Patriotic Films on Independence Day

Top 7 Patriotic Films on Independence Day
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15 अगस्त के ऐतिहासिक दिन पर हर भारतीय के दिल में गर्व और देशभक्ति की लहर दौड़ पड़ती है. देशवासी इस मौके पर उन तमाम अमर सेनानियों और वीरों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान तक न्यौछावर कर दी थी. इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अगर आप अपने भीतर देशप्रेम के जज्बे को और जगाना चाहते हैं, तो हमारे महान नायकों के संघर्ष पर बनी इन बेहतरीन फिल्मों को जरूर देखें. महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन से लेकर भगत सिंह के इंकलाब तक, इन 7 शानदार फिल्मों में भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम अध्यायों को बहुत ही खूबसूरती से दिखाया गया है. आइए उन खास फिल्मों के बारे में जानते हैं, जिन्हें आपको इस स्वतंत्रता दिवस पर अपने वॉचलिस्ट में शामिल करनी चाहिए.
 

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2.सरदार (1993)

सरदार (1993)
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केतन मेहता के निर्देशन में बनी इस बायोपिक में परेश रावल ने भारत के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाकर इतिहास को जीवंत कर दिया था.
यह फिल्म आजादी मिलने के ठीक बाद के सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर को उजागर करती है.
इसमें सरदार पटेल की राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और कूटनीतिक कौशल को दिखाया गया है, जिसके बल पर उन्होंने 500 से अधिक अलग-अलग रियासतों को भारत में विलीन कर एक अखंड राष्ट्र का निर्माण किया था.
 

3.नेताजी सुभाष चंद्र बोस - द फॉरगॉटेन हीरो (2004)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस - द फॉरगॉटेन हीरो (2004)
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महान निर्देशक श्याम बेनेगल की यह फिल्म देश के सबसे बड़े स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अंतिम वर्षों के संघर्ष को पर्दे पर उतारती है.
सचिन खेडेकर द्वारा अभिनीत यह फिल्म देश की सीमाओं से बाहर रहकर 'आजाद हिंद फौज' के गठन और उनके सैन्य अभियानों की कहानी कहती है.
इसमें दिखाया गया है कि कैसे नेताजी ने अंग्रेजों को देश से खदेड़ने के लिए एक सशस्त्र और आक्रामक क्रांति का मार्ग चुना था.
 

4.डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर (2000)

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर (2000)
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निर्देशक जब्बार पटेल की यह बहुचर्चित बायोपिक समाज के सबसे बड़े सुधारक और संविधान निर्माता के जीवन पर रोशनी डालती है.
दक्षिण भारत के दिग्गज अभिनेता ममूटी ने बाबासाहेब का ऐसा दमदार किरदार निभाया कि उन्हें इसके लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
यह फिल्म समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ डॉ. आंबेडकर द्वारा लड़ी गई लंबी कानूनी व सामाजिक लड़ाई के साथ-साथ भारत का संविधान तैयार करने में उनके ऐतिहासिक योगदान को गहराई से दर्शाती है.

5.मणिकर्णिका (2019)

मणिकर्णिका (2019)
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1857 की क्रांति की सबसे निडर और साहसी वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस को यह फिल्म बड़े पर्दे पर पूरी भव्यता के साथ पेश करती है.
कंगना रनौत स्टारर इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे झांसी की रक्षा के लिए रानी ने अकेले ही अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए और अपनी सेना का नेतृत्व किया.
उनका असाधारण युद्ध कौशल और देश के प्रति समर्पण इस फिल्म को हर भारतीय के लिए एक प्रेरणादायक वॉचलिस्ट बनाता है.
 

6.द लीजेंड ऑफ भगत सिंह (2002)

द लीजेंड ऑफ भगत सिंह (2002)
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राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह फिल्म क्रांतिकारी इतिहास की सबसे बेहतरीन कृतियों में गिनी जाती है.
अजय देवगन ने इस फिल्म में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का किरदार इतनी शिद्दत और गहराई से निभाया कि दर्शक भावुक हो गए.
यह मूवी भगत सिंह की क्रांतिकारी सोच, अंग्रेजों के खिलाफ उनके तीखे तेवर और देश की आजादी के खातिर राजगुरु व सुखदेव के साथ दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान की पूरी गाथा को जीवंत करती है.

7.मंगल पांडे - द राइजिंग (2005)

मंगल पांडे - द राइजिंग (2005)
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आमिर खान के अभिनय से सजी यह फिल्म साल 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महान सिपाही मंगल पांडे के जीवन पर आधारित है.
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे अंग्रेजी हुकूमत द्वारा लाए गए कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की बात सामने आने पर मंगल पांडे ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था.
उनकी यह साहसी आवाज आगे चलकर पूरे देश में क्रांति की एक ऐसी चिंगारी बनी, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी.
 

8.गांधी (1982)

गांधी (1982)
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रिचर्ड एटनबरो के निर्देशन में बनी इस अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ऐतिहासिक बायोपिक में बेन किंग्सले ने महात्मा गांधी की भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें ऑस्कर पुरस्कार मिला था.  
यह फिल्म महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका में नस्लभेदी नीतियों के खिलाफ संघर्ष से लेकर भारत लौटने और यहाँ स्वतंत्रता आंदोलन की कमान संभालने तक के सफर को दिखाती है. 
इसमें बहुत ही सहजता से समझाया गया है कि कैसे सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह को मुख्य हथियार बनाकर उन्होंने ब्रिटिश राज की नींव कमजोर कर दी थी.  

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