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Pragya Bharti | Apr 30, 2026, 12:41 PM IST
1.Mohammed Rafi Heartbreaking Song

भारतीय सिनेमा के सुनहरे पन्नों में दर्ज फिल्म 'गाइड' (1965) केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक 'कल्ट क्लासिक' है. इस फिल्म का हर गाना एक मिसाल है, लेकिन इसकी एक गीत की रचना का इतिहास बेहद दिलचस्प है. यह गीत आज भी हर उस शख्स की पहली पसंद है, जो मोहब्बत और विरह के दर्द को महसूस करता है.
2.पहले टेक में हो गया था ओके

आमतौर पर मोहम्मद रफी ऐसे गायक थे जिनके गाने पहले ही टेक में ओके हो जाते थे. लेकिन गाइड फिल्म के एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान कुछ अलग हुआ था. जब रफी साहब ने गाना गाया, तो संगीतकार एसडी बर्मन ने उसे पहले ही टेक में पसंद कर लिया. लेकिन रफी साहब संतुष्ट नहीं थे.
3.मोहम्मद रफी ने क्यों लिए 47 रिटेक?

रफी साहब को लगा कि उस गाने में 'तड़प' और 'उदासी' अभी भी गायब है जिसकी तलाश देवानंद और विजय आनंद को थी.उन्होंने खुद ही दर्जनों रीटेक लिए. कहा जाता है कि 2, 4 या 10 नहीं, बल्कि पूरे 47 रीटेक के बाद जब रफी साहब के चेहरे पर संतोष का भाव आया, तब जाकर उन्होंने इसे फाइनल किया. बर्मन दा ने उन्हें गले लगाकर कहा था, "तुमने हिंदी सिनेमा को एक अमर गीत दिया है."
4.तीन महान संगीतकारों की माथापच्ची

इस गाने की धुन बनाना भी आसान नहीं था. एसडी बर्मन के साथ उनके बेटे आरडी बर्मन और संगीतकार जयदेव ने मिलकर रात 11 बजे से देर रात तक इस पर काम किया था. गीतकार शैलेंद्र ने कई बार बोल बदले, क्योंकि देवानंद को अभिनय के लिए वह खास 'दर्द' नहीं मिल रहा था. अंततः जब शब्द और धुन का मिलन हुआ, तो एक मास्टरपीस तैयार हुआ.
5.दो भाषाओं में बनी पहली फिल्म

देवानंद ने आरके नारायण के उपन्यास 'गाइड' पर फिल्म बनाने का जोखिम तब उठाया था जब उनके भाई विजय आनंद (गोल्डी) को डर था कि भारतीय दर्शक इसे पसंद नहीं करेंगे. यह भारत की पहली फिल्म थी जिसे हिंदी और अंग्रेजी (टैड डेनियल्सकी के निर्देशन में) दोनों भाषाओं में एक साथ शूट किया गया था.
6.देवानंद और वहीदा का जादू

पर्दे पर इस गाने को सदाबहार अभिनेता देवानंद पर फिल्माया गया है. बिना किसी शोर-शराबे के, सिर्फ अपनी आंखों और चेहरे के भावों से देवानंद ने एक ऐसे प्रेमी के दर्द को जीवंत कर दिया, जो अपनी प्रेमिका (वहीदा रहमान) के बिना अधूरा है. रात के सन्नाटे में शराब के गिलास और यादों के बीच घिरा वह शख्स आज भी हर टूटे दिल के लिए एक पहचान बन गया है.
7.किस गाने के लिए मोहम्मद रफी को लेने पड़े थे 47 रिटेक?

साल 1965 में आई फिल्म 'गाइड' के गाने 'दिन ढल जाए' के लिए मोहम्मद रफी ने खुद 47 रीटेक लिए थे. जबकि पहले ही टेक में कंपोजर ने ओके कर दिया था. फिर रफी साहेब ने दर्द और तड़प को जीवंत करने के लिए दर्जनों बार ट्राई किए थे. 61 साल बाद भी यह गीत अमर है.
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