एंटरटेनमेंट
Pragya Bharti | Apr 09, 2026, 04:14 PM IST
1.Evergreen Old Song

70 के दशक का हिंदी सिनेमा अपनी सादगी, गहरे अर्थ वाले बोल और सुरीले संगीत के लिए जाना जाता है. उस दौर के गानों में आज की तरह शोर नहीं, बल्कि दिल को छू लेने वाली एक खामोशी और एहसास होता था. ऐसा ही एक पुराना खूबसूरत गीत है, जो 51 साल बीत जाने के बाद भी हर संगीत प्रेमी की प्लेलिस्ट का हिस्सा है.
2.गाने में महान दिग्गजों की जुगलबंदी

यह गाना फिल्म जगत के तीन स्तंभों की कला का अद्भुत संगम है. गुलजार के लिखे हुए सरल लेकिन गहरे शब्द, आर.डी. बर्मन (पंचम दा) की जादुई धुन और आशा भोसले की शहद जैसी मीठी आवाज ने मिलकर इसे एक 'कल्ट क्लासिक' बना दिया. 4 मिनट 37 सेकंड का यह गाना दोस्ती, इंतजार और मन की चंचलता को बेहद खूबसूरती से पेश करता है.
3.तालाब का किनारा और सादगी भरा सीन

1975 में आई फिल्म 'खुशबू' के इस गाने को हेमा मालिनी और फरीदा जलाल पर फिल्माया गया था. एक तालाब के किनारे बहुत ही साधारण तरीके से शूट किया गया यह वीडियो आज के दौर के हाई-बजट गानों पर भारी पड़ता है. दोनों अभिनेत्रियों की सहजता और मासूमियत ने इस गाने में जान फूंक दी थी. इसे सुनते ही चेहरे पर एक स्वतः मुस्कान आ जाती है और रूह को सुकून मिलता है.
4.फ्लॉप होते हुए भी इतिहास रचा ये गाना

हैरानी की बात यह है कि जब गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म 'खुशबू' रिलीज हुई थी, तब यह बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. जितेंद्र, हेमा मालिनी और शर्मिला टैगोर जैसे सितारों के बावजूद फिल्म फ्लॉप रही, लेकिन इसके संगीत ने इतिहास रच दिया. समय के साथ फिल्म को 'कल्ट क्लासिक' का दर्जा मिला और इसके गानों ने इसे अमर बना दिया.
5.इस गाने के आगे फेल है आज का हाई बजट सॉन्ग

आज के दौर में जहां गानों की उम्र बहुत कम होती है, वहीं 'बेचारा दिल क्या करे' गाने को नई पीढ़ी भी उतने ही चाव से सुनती है. यूट्यूब और सोशल मीडिया पर इस गाने के लाखों व्यूज इसकी लोकप्रियता की गवाही देते हैं. यह गाना साबित करता है कि सच्ची कला और ईमानदारी से किया गया काम कभी पुराना नहीं होता.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से