Advertisement

42Yr पुराना 5Min 41Sec का वो फैंटेसी सॉन्ग, जिसके लिए आधी रात को स्टूडियो पहुंच गई थीं Lata Mangeshkar; आज भी है महफिलों की शान

Lata Mangeshkar Cult Song: लता मंगेशकर ने फिल्म 'उत्सव' का एक कालजयी गीत वास्तविक अनुभव के लिए आधी रात को रिकॉर्ड किया था. 42 साल पुराना यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है.

Pragya Bharti | May 02, 2026, 12:23 PM IST

1.Lata mangeshkar Fantasy Song

Lata mangeshkar Fantasy Song
1

भारतीय संगीत जगत की 'सुर कोकिला' लता मंगेशकर अपनी गायकी के प्रति जिस जुनून और समर्पण के लिए जानी जाती थीं, उसकी मिसाल आज भी दी जाती है. उनके करियर का एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा अभिनेत्री रेखा पर फिल्माए गए एक सदाबहार गीत से जुड़ा है, जिसे उन्होंने आधी रात के सन्नाटे में रिकॉर्ड किया था.
 

Advertisement

2.गीत की रियल फील के लिए आधी रात की रिकॉर्डिंग

गीत की रियल फील के लिए आधी रात की रिकॉर्डिंग
2

यह किस्सा साल 1984 में आई फिल्म 'उत्सव' के कल्ट सॉन्ग का है. रिपोर्ट्स के अनुसार, लता मंगेशकर इस गीत की रिकॉर्डिंग को लेकर बेहद गंभीर थीं. चूंकि गाने के बोल में ही कुछ ऐसे शब्दों का जिक्र था, जिसमे रात का जिक्र था. इसलिए लता दीदी का मानना था कि इसे उसी समय रिकॉर्ड किया जाना चाहिए. उन्होंने महसूस किया कि आधी रात के समय गाने से बोलों की गहराई और उसका वास्तविक अहसास उभरकर आएगा. इसी जुनून के चलते उन्होंने आधी रात को स्टूडियो पहुंचकर इस मास्टरपीस को अपनी आवाज दी.

3.दो बहनों की जुगलबंदी ने रचा इतिहास

दो बहनों की जुगलबंदी ने रचा इतिहास
3

5 मिनट 41 सेकंड के इस गीत की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें सुरों की दो महान देवियों, लता मंगेशकर और आशा भोसले की दुर्लभ जुगलबंदी सुनने को मिलती है. जहां लता जी ने पर्दे पर रेखा के लिए आवाज दी, वहीं उनकी छोटी बहन आशा भोसले ने अभिनेत्री अनुराधा पटेल के लिए गायन किया. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत और वसंत देव के शब्दों ने इस गीत को अमर बना दिया.
 

4.42 साल बाद भी बरकरार है जादू

42 साल बाद भी बरकरार है जादू
4

आज इस गाने को रिलीज हुए 42 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इसकी ताजगी आज भी वैसी ही बनी हुई है. संगीत की महफिलों में जब भी शास्त्रीय आधार वाले सुरीले गीतों की बात होती है, इस गाने का नाम सबसे ऊपर आता है. यह गीत केवल एक संगीत रचना नहीं, बल्कि लता मंगेशकर की कला के प्रति उस निष्ठा भी है, जिसने उन्हें विश्व का सबसे प्रिय गायक बना दिया.
 

5.किस गाने के लिए आधी रात को स्टूडियो पहुंची थीं लता दीदी?

किस गाने के लिए आधी रात को स्टूडियो पहुंची थीं लता दीदी?
5

हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, वह है- 'मन क्यों बहका रे बहका आधी रात को...'. लता मंगेशकर की सुरीली आवाज और उस आधी रात की मेहनत का ही नतीजा है कि 'उत्सव' का यह गाना आज भी हर पीढ़ी के दिल को सुकून पहुंचाता है. रेखा की खूबसूरती और सुरों के इस संगम ने भारतीय सिनेमा को एक ऐसा तोहफा दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से

Advertisement
Advertisement
Advertisement